जम्मू। जम्मू शहर के साथ लगते मीरां साहिब क्षेत्र में जेकेआई की 100 कनाल भूमि पर मेडिसिटी का निर्माण किया जाएगा। इसी तरह सेमपोरा ( पुलवामा) में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की 368 कनाल और 16 मरला जमीन पर भी मेडिसिटी का निर्माण किया जाएगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हाल ही में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में उक्त दोनों मेडिसिटी को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए बुधवार को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव रंजन पी ठाकुर की ओर से आदेश जारी कर भूमि की मंजूरी दी।
जम्मू और कश्मीर में मेडिसिटी का निर्माण होने से निजी स्वास्थ्य क्षेत्र मजबूत होगा। दोनों ही जगहों पर मेडिसिटी के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ेंगे। मेडिसिटी का उद्देश्य लोगों को निजी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं देने के साथ बड़े पैमाने पर भारी निवेश को जम्मू कश्मीर में लाना है। इसमें स्वास्थ्य उद्योग क्षेत्र के कई बड़े लोग आ सकते हैं। मेडिसिटी में मेडिकल कालेज, अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, नर्सिंग कालेज, फार्मास्यूटिकल, अस्पताल प्रबंधन, आयुर्वेदिक कालेज, चिकित्सा शिक्षा केंद्र, आयुष केंद्र, शोध केंद्र आदि का निर्माण किया जाता है। निजी क्षेत्र में मेडिसिटी का निर्माण केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा। इसके साथ आपदा परिस्थितियों में स्वास्थ्य सुविधाओं की क्षमताएं बढ़ेंगी। लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचेंगी, जिससे उन्हें आधुनिक उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जम्मू मे मेडिसिटी के निर्माण से साथ लगते पंजाब के लोगों को भी चिकित्सा लाभ मिलेगा। जिला मुख्यालय जम्मू से कुछ ही किमी. ही दूरी पर मीरां साहिब क्षेत्र स्थित है। यहां मेडिसिटी का निर्माण होने से सबसे अधिक जम्मू जिले की करीब 17 लाख आबादी को लाभ मिलेगा।