जम्मू। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के शौचालय अब ब्लॉक नहीं होंगे और बारिश में छतों से पानी नहीं टपकेगा। जीएमसी में बेहतर रोगी देखभाल सेवाएं प्रदान करने की दिशा में प्लंबिंग व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। 17 करोड़ की लागत वाली परियोजना का जिम्मा माथुर एंड कंपनी नई दिल्ली को दिया गया है। आठ ब्लाकों में बंटे जीएमसी में ब्लाक स्तर पर 15 महीने में प्लंबिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी एग्जीक्यूटिव ने जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन, प्रशासक एसोसिएटेड अस्पताल, अधीक्षक और इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के सामने परियोजना की पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी।
पावर प्वाइंट प्रस्तुति में बताया गया कि मरीजों और अस्पताल प्रबंधन में कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए और बेहतर चिकित्सा देखभाल सुविधाओं को जारी रखते हुए जीएमसी में ब्लाकवार प्लंबिंग का काम पूरा किया जाएगा। इसमें जीएमसी की छतों को वाटर प्रूफिंग के साथ शौचालयों और प्लंबिंग व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा और इसे एसटीपी से जोड़ा जाएगा। इस काम के पूरा होने के बाद सीवरेज पाइप और गैर कार्यात्मक शौचालयों में रुकावट/रिसाव से संबंधित मुद्दों को दूर किया जाएगा। इन समस्याओं को लेकर अक्सर रोगियों और तीमारदारों की शिकायतें रही हैं। प्रिंसिपल सूदन ने बताया कि जीएमसी में अगले एक साल में प्लंबिंग व्यवस्था मजबूत हो जाने से मरीजों के साथ तीमारदारों को राहत मिलेगी। इससे अस्पताल में बेहतर वातावरण और माहौल का विस्तार होगा। साफ सफाई को लेकर मरीजों की ज्वलंत समस्याएं दूर होंगी।