जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कोविड महामारी के दौरान अपनों को खोने वाले 512 लाभार्थियों के लिए, कोविड मृत्युदर के लिए विशेष सहायता योजना सक्षम (एसएएससीएम) को शुरू किया गया है। इस योजना के तहत प्रभावितों को छात्रवृत्ति और पेंशन सहायता प्रदान की जाएगी। पति या पत्नी और परिवार के सबसे बड़े सदस्य को प्रति माह 1000 रुपये की नकद सहायता, स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए प्रति वर्ष 20 हजार रुपये और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कोविड से प्रभावित बच्चों और परिवारों को छात्रवृत्ति और पेंशन प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए सक्षम योजना को शुरू किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि हम उन परिवारों के साथ खड़े हैं जिन्होंने कोविड महामारी के कारण कमाने वाले सदस्य को खो दिया। यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे कि उन पर निर्भर लोग एक सम्मानजनक जीवन जीएं और उन्हें वित्तीय कठिनाई न हो। ऐसे परिवारों का समर्थन करना, आजीविका बहाल करना, उनके जीवन में स्थिरता लाना हमारा कर्त्तव्य और जिम्मेदारी है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस महामारी में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की भलाई और शिक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारियों को लाभार्थी परिवारों के पास नियमित रूप से जाने का निर्देश दिया। विभाग का विशेष प्रकोष्ठ प्रभावित परिवारों को सहयोग जारी रखेगा। इस प्रकोष्ठ में परिवार पात्र हो सकता है। प्रशासन हर प्रभावित परिवार को अपना खुद का व्यवसाय, स्वरोजगार और अन्य उद्यम शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने कोविड से प्रभावित बच्चों की मदद और सशक्तिकरण के लिए पीएम केयर्स फार चिल्ड्रन योजना शुरू की है, जिसका जम्मू-कश्मीर के परिवारों को लाभ मिलेगा। प्रभावित परिवारों को पीएम केयर्स योजना का भी लाभ देना सुनिश्चित किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को बाजार से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रभावित परिवारों की नियमित पहचान की जा रही है।