जम्मू। शहर में करीब दो माह बाद मेटाडोर चलीं। अंतर जिला रूट्स पर निजी बसों का परिचालन भी शुरू हो गया। हालांकि यात्रियों की कमी के चलते दोपहर बाद मेटाडोर की संख्या कम रही। दो माह बाद मेटाडोर चलने से लोगों को भी काफी राहत मिली। अंतर जिला रुट्स पर निजी बसों का पूरी क्षमता के साथ परिचालन हुआ। मेटाडोर को जम्मू शहर की लाइफलाइन कहा जाता है। हजारों लोग आवाजाही के लिए इन पर निर्भर हैं। ऐसे में लगभग दो महीने के बाद यात्री वाहन चलने से लोगों के साथ वाहन चालकों ने भी राहत की सांस ली। वाहन चालकों ने कहा कि पहले दिन यात्रियों की संख्या कम रहीं। 22 यात्रियों की क्षमता वाली मेटाडोर में एक फेरे में 10 से 15 लोगों ने ही सफर किया। हालांकि चालकों ने कहा कि यात्री चाहे कम हैं, लेकिन गाड़ी खड़ी रहनेे से तो अच्छा है। वाहन चालकों ने सरकार से राहत पैकेज घोषित करने की मांग की।
सतवारी में एक मेडिकल दुकान पर काम करने वाले सोहन लाल ने कहा कि पिछले दो महीने से मेटाडोर नहीं चलने से काफी परेशानी आई है। अब मेटाडोर चलने से काफी सुविधा मिलेगी। टाइम पर काम पर आ जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि मेटाडोर तो चल गई हैं, लेकिन लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना भी जरूरी है। वहीं अंतर जिला रुट्स पर जम्मू से डोडा, रामबन, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रियासी, उधमपुर, कठुआ के लिए पूरी यात्री क्षमता के साथ बसें चलीं। हालांकि यात्रियों की संख्या कम होने से बसों की संख्या भी कम थीं। बस चालकों का कहना है कि अगर स्थिति में सुधार होता है तो सभी बसें चरणबद्ध तरीके से चलेंगी।