जम्मू। प्रदेश के सीनियर जेकेएएस अफसरों की वरिष्ठता सूची के बने मसौदे को केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण (कैट) ने रद्द कर दिया है। 11 साल पहले सरकार की तीन सदस्यीय कमेटी ने यह मसौदा तैयार किया था, जिसे कई अफसरों ने कोर्ट में चुनौती दी थी। इस सूची का मामला हाईकोर्ट में था। बावजूद इसके कमेटी ने सूची का मसौदा तैयार किया। वीरवार को कैट के चेयरमैन एल नरसिम्हा रेड्डी और मेंबर जमशेद अख्तर की पीठ ने मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। इससे पहले अपीलकर्ताओं की ओर से एडवोकेट अभिनव शर्मा और अभिमन्यु शर्मा ने दलीलें पेश कीं।
सरकार ने तय किया था कि जेकेएएस की सीनियर सूची उनकी आयु के आधार पर बनेगी। जिसकी आयु अधिक होगी, उसे वरिष्ठता सूची में रखा जाएगा। कई अफसरों ने इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दी। एडवोकेट अभिनव शर्मा ने कोर्ट में दलील दी कि यह पूरी तरह से अवैध है। आयु के हिसाब से वरिष्ठता देना कोई आधार नहीं। सुनवाई के दौरान पीठ ने महसूस किया कि 1965 में जेकेएएस का गठन हुआ। इसमें जूनियर स्केल से शुरू होने वाले और सुपर टाइम स्केल के साथ समाप्त होने वाले विभिन्न चरणों के अधिकारी शामिल हैं। इसमें भर्ती रूल 1965 के तहत होती है। इस रूल को 1979 में फिर बदला गया और इसमें 5 श्रेणियां रखी गईं। सुपर टाइम स्केल, स्पेशल स्केल, सिलेक्शन ग्रेड, टाइम स्केल और जूनियर स्केल शामिल हैं। यह पैटर्न लगभग आईएएस सेवा की तरह ही है। इसके बाद समय समय में नियम बने। बाद में यह तय किया गया कि इसमें आयु के हिसाब से वरिष्ठता मिलेगी। करीब 150 ऐसे अफसर हैं, जो सरकार की इस वरिष्ठता सूची के मसौदे से सहमत नहीं थे। इसे कोर्ट में चुनौती दी गई।