मीरवाइज उमर फारूक की अगुवाई वाली हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने देश भर की जेलों में बंद कश्मीरी राजनीतिक कैदियों के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। सोमवार को एक बयान में, हुर्रियत ने कहा कि कश्मीरी राजनीतिक बंदियों की स्वास्थ्य रिपोर्ट के बारे में बहुत चिंतित हैं क्योंकि पूरे देश की जेलों में महामारी का कहर है। कैदियों के पारिवारिक स्रोतों के अनुसार जेलों के भीतर बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं।
बयान में मीरवाइज के मीडिया सलाहकार शाहिद-उल-इस्लाम जो वर्तमान में तिहाड़ में बंद हैं। उनके परिवार के हवाले से कह गया है कि वह बहुत बीमार हैं और कोरोनो वायरस के लक्षण भी दिख रहे हैं। उन्हें तेज बुखार भी है, लेकिन जेल के अधिकारी न तो उनकी जांच करा रहे हैं और न ही अस्पताल ले जा रहे हैं। यह बेहद चिंताजनक है।
इसके अलावा तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता मोहम्मद अयाज अकबर को भी अपनी पत्नी को देखने के लिए बार-बार अपील के बावजूद एक दिन का भी पैरोल नहीं मिला और हाल ही में उनका निधन हो गया।