J&K Lieutenant Governor Manoj Sinha
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नए जम्मू कश्मीर की 28400 करोड़ की नई औद्योगिक विकास योजना पर एक अप्रैल (नए वित्त वर्ष) से अमल शुरू हो जाएगा। 17 साल के लंबे प्रोत्साहन वाली इस योजना में चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक विकास का विस्तार किया जाएगा। इसमें प्रोजेक्ट स्तर पर निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह जानकारी उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव मनोज द्विवेदी ने दी।
बताया कि कोविड वैक्सीन के बाद योजना को अमल में लाने में अधिक मदद मिलेगी। इसमें देश-विदेश के निवेशकों का निवेश के लिए आत्मविश्वास बढ़ेगा। योजना के तहत प्रोजेक्ट स्तर पर आकलन करके उसी के मुताबिक निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कोशिश यही है कि औद्योगिक विकास के लिए सभी उचित प्रयास किए जाएं। मसलन आईटी के क्षेत्र में देखा जाएगा कि उन्हें क्षेत्र के मुताबिक आईटी पार्क या टावर की जरूरत है, उसी पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसी तरह उत्पादन के क्षेत्र में प्रदूषित और गैर प्रदूषित मानदंडों को देखा जाएगा। नई योजना में नए निवेशकों को आकर्षित करने के साथ मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना है।
देश भर के औद्योगिक एसोसिएशन से होगी चर्चा
विभाग गैर सरकारी ट्रेड एसोसिएशन, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के माध्यम से देशभर के औद्योगिक एसोसिएशन से चर्चा करेगा। इसमें निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि कोविड वैक्सीन अभियान के बाद सितंबर अक्तूबर में योजना को अमल में लाने में तेजी आएगी। निवेशकों को जम्मू कश्मीर में लाने के साथ योजना को आगे ले जाया जाएगा। नए निवेशकों के लिए ऋण में सरकार की ओर से प्रोत्साहन देने का प्रावधान दिया गया है। इसके अलावा जीएसटी लिंक्ड प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाई गई
उत्पादन और सेवा क्षेत्र में अगले 17 वर्षों में अभूतपूर्व विकास करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहली नीति है जिसे जम्मू-कश्मीर जैसे प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर ले जाया जा रहा है। खासतौर पर इसमें स्थानीय युवाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा। स्वरोजगार के क्षेत्र को मजबूत किया जाएगा, जिससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।