जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को गृह विभाग में पूर्व विशेष सचिव गुलाम मोहिउद्दीन गनई के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के रिकॉर्ड 48 दिनों के भीतर विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। गनई पर जन्म तिथि में फेरबदल कर सरकारी सेवा का अनुचित लाभ लेने का आरोप है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के देवबंद के निवासी मोहम्मद सलीम कासमी के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया परंतु कासमी का निधन हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी।
क्राइम ब्रांच के प्रवक्ता के अनुसार बडगाम के हंजुरा गांव के गुलाम मोहम्मद भट ने शिकायत की थी कि वर्ष 2021 में गृह विभाग में विशेष सचिव (कानूनी) के रूप में तैनात गुलाम मोहम्मद गनई ने अपने पद व अधिकार का दुरुपयोग करते हुए सर्विस बुक में फर्जीवाड़ा कर जन्म तिथि में फेरबदल कर दिया। इसके कारण उन्हें सरकारी सेवा का चार साल अतिरिक्त लाभ मिला।
शिकायतकर्ता के अनुसार गनई की असली जन्मतिथि के अनुसार उन्हें दो साल पहले मार्च 2019 में सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए था परंतु फर्जीवाड़े के कारण आरोपी ने अपनी नियत सरकारी सेवा में चार साल और जोड़ दिए। इसके साथ ही उसे एक वरिष्ठ पद पर पहुंचने का भी लाभ मिल गया। शिकायत के आधार पर 9 मार्च 2021 को आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी को इस साल 5 मार्च को सरकार द्वारा सेवानिवृत्त किया गया था।
जन्म तिथि में चार साल का किया फेरबदल
प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी लोकसेवक ने 3 मार्च, 1959 से बदलकर अपनी जन्म तिथि 3 मार्च, 1963 कर ली थी। जिससे चार साल का अतिरिक्त लाभ हासिल हुआ। उसके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, जालसाजी, आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोपों के खिलाफ धोखाधड़ी साबित हुई है।