बॉटनिकल गार्डन में डॉ. मुगल...
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कोरोना काल में तनाव और अनिश्चितता के माहौल के बीच एक महिला प्रोफेसर ने चार हजार पौधे लगाकर बॉटनिकल गार्डन बनाकर मिसाल पेश कर दी। डिग्री कॉलेज पुंछ के बॉटनी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रानी मुगल ने उस वक्त बीड़ा उठाया जब पाबंदियों के चलते सभी अपने घर में कैद हो गए थे।
प्रो. मुगल ने लॉकडाउन के दौरान कॉलेज न लगने के चलते जो समय मिला, उसे घर से 21 किलोमीटर दूर शींदरा टॉप गांव की पहाड़ी पर पौधरोपण में लगाया। कोरोना काल का एक साल पूरा होने के बाद आज शींदरा टॉप में बॉटनिकल गार्डन सभी के लिए नजीर बन गया है।
प्रो. मुगल ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग से शींदरा टॉप में 50 कनाल सरकारी भूमि मिली थी, जिस पर बॉटनिकल गार्डन बनाया जाना था। कॉलेज बंद हो गए तो उन्हें विद्यार्थियों का सहयोग नहीं मिल पाया। ऐसे वक्त पर उन्होंने अकेले ही अपने वाहन से शींदरा टॉप पर जाकर गड्ढे खोदकर पौधे लगाने का काम शुरू कर दिया।
इसी दौरान परिवार के सदस्यों को भी पौधरोपण के लिए तैयार किया। यह क्रम आगे बढ़ा और एक-एक कर चार हजार पौधे लगाए गए। प्रो. मुगल ने कहा कि पथरीली जमीन पर फलदार, औषधीय समेत कई किस्मों के पौधे लगाए गए।
अब यह पौधे जड़ें फैला चुके हैं। प्रो. मुगल ने कहा कि उस दौरान सोचा कि कोरोना काल में यदि संक्रमण की चपेट में आकर कुछ अनहोनी भी हो गई तो बॉटनिकल गार्डन में लगे पौधे पर्यावरण और लोगों पर अपना सकारात्मक प्रभाव डालते रहेंगे।