बर्फबारी में फंसी सेना की जिप्सी...
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आतंकवाद के खिलाफ लड़ रही सेना विकट परिस्थितियों में अवाम की भी मदद कर रही है। सेना ने ‘हमसाया’ प्रोग्राम शुरू किया है। कुपवाड़ा जिले में सेना के जवानों ने बर्फबारी के बीच दो गर्भवतियों को 5 किमी कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया, दूसरे का इलाज जारी है। डॉक्टरों और परिजनों ने गर्भवती को समय पर पहुंचाने के लिए सेना का धन्यवाद व्यक्त किया है।
पहली घटना जिले के कलारूस के नुनवानी गांव की है। यहां वीरवार देर रात सकीना बेगम को प्रसव पीड़ा हुई, लेकिन बर्फबारी और तंग गलियां होने के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस पर आशा वर्कर शमशाद ने कलारूस के कंपनी कमांडर मेजर मुकेश से संपर्क किया। इसके बाद जवान मेडिकल टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए, लेकिन जवानों की जिप्सी भी बर्फ में फंस गई और आगे नहीं जा सकी।
मौके की नजाकत को देखते हुए अन्य जवान सकीना के घर पहुंचे और रात के अंधेरे और बर्फबारी के बीच महिला को करीब 300 मीटर तक कंधों पर लेकर जिप्सी तक पहुंचाया और सीधा अस्पताल ले गए।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि महिला के कलारूस अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। यह खबर मिलते ही महिला के परिवार वाले और सेना के जवान ख़ुशी से झूम उठे।
डॉक्टर ने बताया अगर जवान महिला को कंधे पर उठाकर न लाते तो जच्चा और बच्चा दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बेटी होने की खबर सुनते ही सकीना के पति अल्ताफ ने जवानों को गले से लगा लिया और धन्यवाद प्रकट किया।
दूसरी घटना सोगाम इलाके की है। सेना के जवानों ने गर्भवती को पांच किमी कंधे पर उठाकर सोगाम अस्पताल पहुंचाया। जिले के सोगाम इलाके में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से घुलम नबी नाम के शख्स ने 28 आरआर की मारकुल कंपनी के जवानों से अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद मांगी। इस पर जवान तुरंत हरकत में आए और कोशी मोहल्ला दर्दपोरा की खुर्शीद बेगम को अस्पताल पहुंचाया। यहां भी बर्फबारी की वजह से गाड़ी उनके घर तक नहीं पहुंच पाई।