सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे...
- फोटो : amar ujala
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे मंगलवार को सियाचिन और पूर्वी लद्दाख सेक्टर पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात सेना की परिचालन स्थिति और अन्य तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने वहां विपरीत परिस्थितियों में तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
जनरल नरवणे के साथ उत्तरी कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और लद्दाख में सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉप्स की कमान संभालने वाले कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन भी मौजूद रहे। सेना प्रमुख का यह दौरा सियाचिन के हनीफ सब सेक्टर में हिमस्खलन की घटना सामने आने के ठीक एक दिन बाद हुआ है। इस घटना में सेना के दो जवान शहीद हुए थे।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जनरल नरवणे ने लद्दाख के फारवर्ड सेक्टर में तैनात जवानों के साथ बातचीत भी की। उन्होंने लद्दाख सेक्टर में दुर्गम इलाके और खराब मौसम जैसी विपरीत परिस्थितियों में तैनात जवानों की हौसला अफजाई की और उनकी दृढ़ता की सराहना की।
अग्रिम इलाकों का दौरा करने के बाद फायर एंड फ्यूरी कॉप्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मेनन ने सेना प्रमुख को लद्दाख सेक्टर में मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। इसके अलावा उन्हें परिचालन को लेकर की जाने वाली तैयारियों की भी जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि सेना प्रमुख 28 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
शहीद जवानों के पार्थिव शरीर आज एयरलिफ्ट किए जाएंगे
सैन्य सूत्रों के अनुसार सियाचिन ग्लेशियर के हनीफ सब सेक्टर में हिमस्खलन की घटना में रेस्क्यू किये गए जवानों की हालत खतरे से बाहर है। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना में शहीद हुए दोनों जवानों सिपाही प्रभजीत सिंह और सिपाही अमरदीप सिंह के पार्थिव शरीर बुधवार को चंडीगढ़ के लिए एयर लिफ्ट किये जाएंगे और वहां से उनके पैतृक गावों बरनाला और मनेसर के लिए रवाना किए जाएंगे।