इससे पहले बडगाम के चेयूडारा बीरवाह में एक घर से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। इस मामले में मोहम्मद यूसुफ डार, अब्दुल मजीद मीर और रियाज अहमद बासमती को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से दो ग्रेनेड, एके-47 के 25 कारतूस, चार डेटोनेटर, मोबाइल फोन, पोस्टर व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ये आतंकी सहयोगी नव निर्वाचित डीडीसी सदस्यों को निशाना बनाने और चुनाव में खलल डालने के उद्देश्य से बडगाम और श्रीनगर जिलों में सक्रिय थे। ये सभी पाकिस्तान में हैंडलर शेख, उस्मान, तारिक, हफतुल्लाह व अन्य के संपर्क में थे।
पाकिस्तानी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश हासिल करने की आड़ में ये आतंकी सहयोगी बडगाम में आतंकवादियों की भर्ती और आतंक को पुनर्जीवित करने के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संचालकों से संपर्क स्थापित कर रहे थे। साथ ही श्रीनगर जिले में कई ग्रेनेड हमलों में भी शामिल थे। पूछताछ के दौरान बताया कि उनका मकसद पूर्व आतंकवादियों को फिर से संगठित करना, सुरक्षाबलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना था। बता दें कि सूचना के आधार पर बडगाम पुलिस, सेना की 53-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया था।
शनिवार को कश्मीर घाटी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की नए नाम से तंजीम बनाकर आईईडी हमलों की साजिश का पर्दाफाश हुआ। सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मुस्तफा नाम के नए संगठन के दो आतंकी और उनके चार मददगारों को गिरफ्तार किया। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में ध्वस्त किए गए इस नए मॉड्यूल में शामिल आतंकी सुरक्षा बलों के ठिकानों और रूट की रेकी कर रहे थे। आतंकियों से दो ग्रेनेड, एक किलो विस्फोटक सामग्री और एके-47 के 30 कारतूस बरामद हुए।