अखनूर। बरसात के मौसम से पहले आपदा प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की दूसरी बटालियन की तरफ से शनिवार को अखनूर के प्रसिद्ध जियो पोता घाट पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में कुल 76 जवानों ने भाग लिया। बाढ़ जैसी संभावित आपदा से निपटने की रणनीति पर अभ्यास किया गया।
इस मॉक ड्रिल के दौरान जवानों ने जल-राहत अभियानों, बचाव तकनीकों, नाव संचालन, बाढ़ में फंसे लोगों की निकासी और प्राथमिक उपचार की प्रक्रियाओं को अमल में लाया। विशेष रूप से नदी के तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तकनीकों पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर ट्रेनिंग इंचार्ज डीवाईएसपी दिनेश गुप्ता, एसडीपीओ अखनूर वरिंदर गुप्ता, इंस्पेक्टर एमपी वज़ीर, थानाध्यक्ष संजीव चिब और टीम इंचार्ज सुदर्शन सिंह सैनी मौजूद रहे। उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया और इस तरह के अभ्यासों को समय की आवश्यकता बताया।
डीवाईएसपी दिनेश गुप्ता ने बताया, बाढ़ एक ऐसी आपदा है, जिसमें हर सेकेंड मायने रखता है। ऐसे में इस प्रकार की मॉक ड्रिल से हमारी टीमें न केवल सजग रहती है, बल्कि उनकी प्रतिक्रिया क्षमता भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दरिया चिनाब में कई बार जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालत बनते हैं। ऐसे में एसडीआरएफ पहले भी अपनी जिम्मेदारी बेहतरीन तरीके से निभाती आई है और आगे भी इसके लिए तैयार है।