कृषि और संबद्ध क्षेत्र जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो इसके आधे कार्यबल को रोजगार दे रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश में 13 लाख किसान परिवार हैं। इनमें एक बड़ी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर और सीमांत वर्गों से जुड़ी हुई है। हाॅलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एएडीपी) के कार्यान्वयन में कृषि, बागवानी और पशुपालन के लिए 29 व्यापक परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
प्रदेश में जलवायु प्रतिरोधी और सतत कृषि को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में दूध, सब्जियों, मांस, बासमती, अखरोट, चेरी और ट्राउट आदि के लिए समूह विकसित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से तीन लाख नौकरियां और 19000 अतिरिक्त उद्यम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार जम्मू-कश्मीर में 2000 किसान खिदमत घर का एक नेटवर्क स्थापित कर रही है, जो सामुदायिक स्तर पर सभी कृषि सेवाओं के लिए एकल खिड़की प्रणाली प्रदान करेगा।