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जम्मू-कश्मीर में नए डीजीपी ने संभाला चार्ज, बोले- आतंकवाद से कड़ाई से निपटना सबसे पहली प्राथमिकता

Fri, 07 Sep 2018 06:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर के नए डीजीपी दिलबाग सिंह को चार्ज सौपते आईपीएस एसपी वैद्य - फोटो : अमर उजाला
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नवनियुक्त डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि राज्य में आतंकवाद का जल्द से जल्द खात्मा उनकी प्राथमिकता होगी। इसमें लोगों के हितों की रक्षा करने के साथ ही उनमें विश्वास बहाली भी की जाएगी। चुनौतियां काफी हैं, लेकिन भरोसा है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस इन सभी परीक्षाओं में सफलतापूर्वक पास हो जाएगी। कार्यभार संभालने के बाद वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। ज्ञात हो कि वीरवार की रात राज्य सरकार ने डा. एसपी वैद को हटाकर दिलबाग सिंह को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था। यूपीएससी से हरी झंडी के बाद उनकी नियमित तैनाती मानी जाएगी।
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शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में उन्होंने कार्यभार संभाला। डा. एसपी वैद ने उन्हें बैटन बैैंट दिया। इसके साथ ही गार्ड ऑफ आनर दिया गया। पदभार संभालने के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने राज्य में शांति बहाली के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अतीत में कई चुनौतियों का सामना किया है और वर्तमान चुनौतियों का भी मुकाबला करेगी। विश्वास दिलाया कि मुखिया होने के नाते वे हमेशा आगे रहेंगे। राज्य पुलिस ने एक नाम अर्जित किया है। यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम इसे और अधिक ऊंचाई पर ले जाएं।

दिलबाग सिंह 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने एएसपी मुख्यालय कुपवाड़ा, एसपी डोडा, एसपी हाईवे, एसपी सतर्क ता, एसपी बारामुला, कमांडेंट जेकेएपी 7वीं बटालियन, एडीआईजी अनंतनाग व बारामुला, डीआईजी सुरक्षा, डीआईजी जम्मू, निदेशक एसएसजी, आईजी  अपराध और रेलवे, आईजी सीआईडी, आईजी ट्रैफिक, आईजी होमगार्ड, निदेशक एसके पुलिस अकादमी उधमपुर, एमडी पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, एडीजी सुरक्षा और डीजी जेल के पद पर काम किया।
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नवीद जट के भागने के बाद बनाए गए थे डीजी जेल
लश्कर आतंकी नवीद जट के पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद दिलबाग सिंह को इस साल मार्च में डीजी जेल बनाया गया था। नवीद को इलाज के सिलसिले में फरवरी महीने में अस्पताल ले जाया गया था तभी अस्पताल परिसर में पुलिस दल पर फायरिंग कर आतंकी उसे भगा ले गए थे। डीजी बनने के बाद उन्होंने कश्मीर की जेल से हार्डकोर आतंकियों को अन्य जेलों में शिफ्ट किया। 
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