जम्मू संभाग की तुलना में देशभर के निवेशक कश्मीर में अधिक रुझान दिखा रहे हैं। 2023 में उद्योग विभाग के पास भूमि के लिए 6200 से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें 77 प्रतिशत (4600 से अधिक) निवेशकों ने कश्मीर के लिए भूमि की मांग की है। जम्मू संभाग में निवेशकों के लिए जिला कठुआ पहली पसंद बना हुआ है। इसका बड़ा कारण यहां संभाग स्तर पर अधिकतर औद्योगिक भूमि की पहचान की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कश्मीर के लिए 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इनमें दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने की क्षमता बताई गई है। जम्मू संभाग में 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव आए हैं, लेकिन यहां पौने दो लाख रोजगार की क्षमता बताई गई है। कुल आवेदनों में 3200 को मेरिट के आधार पर चिह्नित किया गया है, जिनमें 1700 से अधिक आवेदनकर्ताओं को 11800 कनाल की भूमि अलाट कर दी गई है।
इसमें 2500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे गए हैं। नई औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने के लिए और 26000 कनाल भूमि को देखा जा रहा है, जिसमें 20 हजार कनाल तक की फिजिविल्टी की गई है, जिसमें उद्योग की संभावनाओं को देखा गया है। प्रदेश में 169 इकाइयों के लिए निवेश कर दिया गया है।
इसमें सितंबर 2024 तक कुछ इकाइयों में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। जम्मू संभाग में कठुआ के बाद सांबा, जम्मू और उधमपुर में औद्योगिक भूमि का विस्तार किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक जिला कठुआ में करीब सात हजार कनाल भूमि उद्योग विभाग के सिकाप विंग को मिल गई है। जिसमें प्रमुख रूप से लंगेट में 900 कनाल, फोरलेन में 200 कनाल, बुद्धि में 700 कनाल और बागथली में चरण 1 में 2900 कनाल और चरण 2 में 2700 कनाल भूमि देखी गई है।