राज्यपाल शासन में आतंकियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दक्षिणी कश्मीर में घर में घुसकर रविवार को देर रात एक सीआरपीएफ कर्मी की हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। घटना पुलवामा जिले की नैरा गांव की है। आतंकी देर रात सीआरपीएफ कर्मी नसीर अहमद राथर के घर पहुंचे और उन्होंने उसे गोली मार दी। उसे गंभीर रूप से घायलावस्था में जिला अस्पताल पुलवामा लाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। नसीर सीआरपीएफ की 182 बटालियन में पुलवामा में तैनात था। इन दिनों छुट्टी पर घर आया था।
एसएसपी पुलवामा मो. असलम चौधरी ने बताया कि जवान नसीर छुट्टी पर अपने घर पुलवामा में था। रविवार शाम को आतंकियों ने उसके घर पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे पुलवामा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान नसीर ने दम तोड़ दिया।
डेढ़ महीने में पांचवीं वारदात
ईद के बाद लगभग डेढ़ महीने के अंदर आतंकियों द्वारा सैनिकों व पुलिसकर्मियों की अपहरण और हत्या की यह पांचवीं घटना है। इससे 21 जुलाई को आतंकियों ने पुलिस कांस्टेबल सलीम शाह की अपहरण कर हत्या कर दी थी। ईद पर घर आ रहे पुंछ निवासी सेना के जवान औरंगजेब की आतंकियों ने अपहरण के बाद 14 जून को हत्या कर दी थी। पांच जुलाई को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार की भी अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई थी। गत शुक्रवार की देर रात अपहृत पीएसओ को परिवारवालों की अपील पर 24 घंटे में शनिवार देर रात रिहा कर दिया था। शुक्रवार को आतंकियों ने दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके से एसपीओ मुदासिर अहमद लोन को अगवा कर लिया था। परिवार वालों की अपील का वीडियो वायरल होने के बाद आतंकियों ने 24 घंटे के भीतर शनिवार की देर रात उसे रिहा कर दिया। साथ ही वीडियो वायरल कर आतंकियों ने धमकी दी कि यदि शुक्रवार तक सभी एसपीओ ने नौकरी नहीं छोड़ी तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।