बैसाखी पर तवी नदी पर महाआरती की शुरुआत
- फोटो : निखिल मेहता
महाआरती पुनर्जागरण का नया कालखंड
उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा कहा कि लंबी प्रतीक्षा के बाद लोगों को महाआरती में शामिल होने का अवसर मिला है। जम्मू को मंदिरों का शहर कहा जाता है। यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं है। 16 फरवरी को श्रीरघुनाथ मंदिर में आरती का आयोजन हुआ था।
रविवार को तवी नदी तट पर आरती के बाद पुनर्जागरण का नया कालखंड शुरू हुआ है। श्री रघुनाथजी कॉरिडोर ऐसा उपहार दिया है जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह नदी में किसी प्रकार का कूड़ा,कचरा न डालें। साथ ही प्रशासन को भी निर्देश दिए कि वह सुनिश्चित करे कि इसमें गिरने वाले नाले बंद किए जाएं। तवी रिवरफ्रंट की सभी परियोजनाएं पूरी हो जाने के बाद, यह निवासियों और यात्रियों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। तवी जम्मू की आत्मा है और इसकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी है।
बैसाखी पर तवी नदी पर महाआरती की शुरुआत
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू को भविष्य के लिए तैयार करना है
उपराज्यपाल ने कहा कि विकास कार्यों के लिए सरकार हमेशा खड़ी रहेगी। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। जम्मू को सिर्फ स्मार्ट ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, हरा भरा, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार करना है। आइए मिलकर काम करते रहें। आइए आगे बढ़ते रहें। क्योंकि आज हम जिस जम्मू का निर्माण कर रहे हैं, वह विरासत है जो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ेंगे।
हमने पनामा चौक, बलिदान स्तंभ, जम्मू विश्वविद्यालय के पास रणबीर नहर के पार, बीएसएफ फ्लौरा से लेकर पवन आइसक्रीम तक पांच हेक्टेअर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किया है। इसके साथ ही थ्रीडी भित्ति चित्र, दीवार पेटिंग, मूर्तियां हमारे शहर में रंग और जीवन जोड़ रही हैं।सार्वजनिक परिवहन में बड़ी छलांग
बैसाखी पर तवी नदी पर महाआरती की शुरुआत
- फोटो : निखिल मेहता
उपराज्यपाल ने कहा कि हमने सार्वजनिक परिवहन ने भी बड़ी छलांग लगाई है। जम्मू प्रांत के प्रमुख शहरों के भीतर और उनके बीच 100 इलेक्ट्रिक एसी बसें चल रही हैं। ये बसें लाइव ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल भुगतान विकल्पों से लैस हैं। जिससे आवागमन सभी के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक हो गया है। हमारा एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र, इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यह सुनिश्चित कर रहा है कि शहर और सुरक्षित रह सके।