Super Specialty Hospital Jammu
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सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू में वीरवार शाम उस समय अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया जब अस्पताल की एक लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर जाकर करीब आधा घंटा बीच में बंद रही। इससे चार मरीजों के साथ 17 लोग लिफ्ट में फंसे रहे। एक मरीज व्हीयलचेयर पर था जबकि अन्य डाक्टर को दिखाकर लौट रहे थे।
लिफ्ट खुलने के बाद कई लोग घबराहट में बाहर आए। इस बीच बिजली भी बंद रही। हालांकि लिफ्ट खुलने पर किसी व्यक्ति को भर्ती करने की नौबत नहीं आई। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की ओपीडी सेक्शन में पहली लिफ्ट में वीरवार की शाम 4.30 बजे 17 लोग सवार हुए।
इसमें कुछ लोग अपने मरीजों को दिखाकर लौट रहे थे तो कुछ टेस्ट के लिए गए थे। लिफ्ट में सवार हुए आरएस पुरा निवासी शम्मी कुमार ने बताया कि वह अस्पताल के आखिरी फ्लोर से अपने भांजे अनिल कुमार के सिटी स्कैन की तिथि लेकर लौट रहे थे तभी अचानक जोरदार आवाज हुई और लिफ्ट एकदम से रुक गई।
लिफ्ट रुकने के साथ बिजली भी बंद हो गई। इससे लिफ्ट में सवार लोग घबरा गए। लिफ्ट में एक पुरुष मरीज को व्हीयलचेयर पर लाया जा रहा था जबकि कुछ मरीज दिखाकर लौट रहे थे। इस बीच लिफ्ट पर दिए नंबर पर फोन किया गया जिसके बाद कुछ लोग लिफ्ट के बाहर पहुंचे।
लेकिन कोशिश करने के बाद भी लिफ्ट नहीं खुली। समय बीतने के साथ कई लोगों को लिफ्ट के भीतर घबराहट होने लगी। कुछ लोगों ने फोन करके अपने तीमारदारों को लिफ्ट के बाहर बुला लिया था। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आए दिन लिफ्ट बंद होने से सायरन बजते रहते हैं।
उन्हें दुरुस्त करने के लिए कुछ नहीं किया जाता है, जिससे रोजाना एसोसिएटेड अस्पतालों में लिफ्ट बंद होने से मरीज और तीमारदार परेशान होते हैं। वहीं, जीएमसी के मैकेनिकल विंग के एक्सईएन लखवंत सिंह ने कहा कि लिफ्ट के आपरेशनल की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होती है। एसोसिएटेड अस्पतालों में लिफ्टों के सुचारु रूप से संचालन के लिए समय समय पर मरम्मत करवाई जाती है।