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बैक टू विलेज प्रोग्राम: उपराज्यपाल बोले-लोगों को अब मिल सकेंगा केंद्र की योजनाओं का बेहतर लाभ

Wed, 27 Nov 2019 05:08 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बैक टू विलेज प्रोग्राम - फोटो : ANI
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने बैक टू विलेज प्रोग्राम में कहा कि हम यह आकलन कर रहे हैं कि केंद्र सरकार की योजनाओं ने लोगों को कितना फायदा पहुंचाया, जबकि धारा 370 लागू थी। मुझे लगता है कि लोग कई योजनाओं से वंचित थे। अब, लोगों के पास उन्हें उपयोग करने का अवसर है।

बैक टू विलेज-2 : नौशेरा ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों ने अफसरों के समक्ष समस्याएं रखीं

बैक टू विलेज के दूसरे चरण के तहत अफसरों ने ग्रामीणों की परेशानियों को सुना। ब्लॉक की पंचायत लोअर नौनयाल, भजनोवा, भवानी बी, हंजाना ठाकरा,  राजल ए तथा सेरी ब्लॉक की पंचायत दबड़ पोठा ए के लोगो ने अपनी समस्याएं अधिकारियों को बताईं। सरपंच कंवलजीत सिंह पंचायत लोअर नौनयाल ने मसित मुहले से पंडित मुहले तक पुल बनाने के साथ मिडल स्कूल नौनयाल को हाई स्कूल का दर्जा और ट्यूबवेल, बिजली-पानी के साथ बंकर बनाने की मांग की।
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वहीं मोहन लाल सरपंच पंचायत राजल ए ने टाई पुल नौशेरा से कलाई लिंक मार्ग की मरम्मत, बिजली-पानी, स्कूलों में कमरों की कमी को पूरा किए जाने आदि मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं। वहीं पंचायत हंजाना ठाकरा के सरपंच इंद्रजीत सिंह और लोगों ने हेल्थ विभाग का सब सेंटर गांव को सौंपने और खस्ताहाल सड़क मार्ग की मरम्मत के साथ तारकोल डालने की मांग के साथ बिजली-पानी की कमी पूरी करने को कहा।

पंचायत भजनोवा की सरपंच संतोष कुमारी, पंच विधि चंद व लोगों ने बंकरों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की। जेएंडके बैंक की शाखा खोलने और कम्यूनिटी सेंटर बनाने की मांग की। पंचायत दबड पोठा के लोगों ने बिजली-पानी, सड़क आदि समस्याएं बताईं।  
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72 पंचायतों में सुनी लोगों की समस्याएं ,कई स्थानों पर किया पौधा रोपण

बैक टू विलेज-2 के दूसरे दिन जिला विकास आयुक्त पुंछ राहुल यादव बाहर से आए अधिकारियों एंव स्थानीय अधिकारियों के साथ भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे इस्लामाबाद, शाहपुर, गूंतरियां आदि गांव में पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और बैक टू विलेज-1 में सामने आए मुद्दों को कहां तक हल किया गया है इसकी जानकारी ली। 

इन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि बैक टू विलेज-1 में जिन समस्याओं को उन्होंने उजागर किया था वे आज भी बरकरार हैं। इसके अलावा क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क एंव स्वास्थ सेवाओं की हालत में कोई सुधार नहीं किया गया है। नियंत्रण रेखा से सटे गांव के लोगों ने अभी तक पर्याप्त मात्रा में बंकरों का निर्माण न होने का मुद्दा भी उठाया। इस दौरान इन गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभाओं का शुभारंभ राष्ट्रगान गाकर किया गया। जिसके उपरांत कार्यक्रम शुरू किया गया।

इस अवसर पर जिला विकास आयुक्त ने अपने संबोधन में लोगों को बैक टू विलेज से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के पीछे सरकार की मंशा पंचायतीराज को निचले स्तर से लागू करवाना है। इससे निचले स्तर पर हर गांव में विकास भी सुनिश्चित होगा। बैक टू विलेज भाग-2 के दूसरे दिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर अधिकारियों ने पंचायत सदस्यों के साथ मिल कर पौधा रोपण अभियान चलाते हुए लोगों में पर्यावरण की सुरक्षा का भी संदेश दिया।
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कई पंचायतों में खुशी तो कहीं पर मायूसी

बैक टू विलेज कार्यक्रम से कई पंचायतों में खुशी है तो कई में मायूसी का आलम। कारण यह है कि पहले चरण में इस कार्यक्रम के तहत जो भी मुद्दे उठाए गए थे, उनमें 90 फीसदी पर काम नहीं हो पाया। इसलिए दूसरे चरण के कार्यक्रम में लोगों में किसी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिख रही है। 

पंचायत प्रमंडल के सरपंच जोगिंदर शर्मा, दयोन के सरपंच मोहम्मद राशिद, उत्तर वाहिनी की सरपंच सुनीता देवी, मंडल की सरपंच सपना और बाड़ी ब्राह्मणा ब्लॉक की पंचायत कार्थोली के सरपंच अंग्रेज सिंह आदि ने कहा कि बैक टू विलेज से बिजली, पानी और सड़क जैसी समस्याएं दूर होने की उम्मीद थी। सारे वादे धरे के धरे रह गए। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि दूसरे चरण के कार्यक्रम में उपराज्यपाल तय करें कि सारे वादे पूरे हों, अन्यथा औपचारिकता की क्या जरूरत है? 

दूसरी ओर पंचायत स्मेलपुर के सरपंच बलवंत सिंह मन्हास और पंचायत खड़ा मदाना अप्पर की सरपंच सुनीता देवी का कहना था कि बैक टू विलेज वन के तहत उन्होंने जो भी समस्याएं सरकार को बताइए उन पर पूरे तरीके से काम हुआ है। बिजली-पानी से जुड़ी समस्या दूर हुई है। इसलिए बैक टू विलेज-2 स्वागत योग्य पहल है।
 
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