फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu Kashmir: जम्मू में खुलेगा एनएसडी का शिक्षा केंद्र,  गौरवशाली रंगमंच संस्कृति से परिचित होंगे छात्र

Tue, 21 Feb 2023 01:01 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उपराज्यपाल ने कहा कि नाटय वेद, पांचवां वेद, भारत के गौरवशाली रंगमंच और रचनात्मक परंपरा को दर्शाता है। कालीदास, शूद्रक, भवभूति जैसी महान हस्तियां हमारी रंगमंच संस्कृति की नींव हैं
विज्ञापन
LG Manoj Sinha - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में थिएटर संस्कृत को फलने फूलने के लिए एक जीवंत वातावरण विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय नाटय विद्यालय के शिक्षा केंद्र (एनएसडी) में रंगमंच के माध्यम से बच्चों और नवोदित कलाकारों को परामर्श देने का हमारा प्रयास है। ऐसा एक केंद्र श्रीनगर में स्थापित किया गया है, जबकि दूसरा केंद्र जम्मू में शुरू होगा। उपराज्यपाल सोमवार शाम जम्मू विश्वविद्यालय के जनरल जोरावर सिंह सभागार में एशिया के सबसे बड़े तीन दिवसीय थिएटर उत्सव 22वें भारत रंग महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

विज्ञापन


राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और जम्मू विश्वविद्यालय के सहयोग से रंग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि यह महोत्सव दर्शकों को देश की गौरवशाली रंगमंच संस्कृति से परिचित होने का अवसर प्रदान करेगा। यह महोत्सव रंगमंच की रचनात्मकता और उद्यम को एक श्रद्धांजलि है जिसने कई पीढ़ियों का मनोरंजन किया और प्रेरणा दी है। हमारी प्राचीन परंपरा में रंगमंच को ऐसा माध्यम माना जाता है जो दो अन्य प्रदर्शनकारी कला रूपों संगीत और नृत्य को जोड़ता है। 

नाटय वेद, पांचवां वेद, भारत के गौरवशाली रंगमंच और रचनात्मक परंपरा को दर्शाता है। कालीदास, शूद्रक, भवभूति जैसी महान हस्तियां हमारी रंगमंच संस्कृति की नींव हैं और इस अमृत काल, कला प्रेमियों और युवाओं को अधिक रचनात्मकता की आकांक्षा रखनी चाहिए। उन्होंने चयनित कहानियों के रंगमंच अनुकूलन, स्कूलों व काॅलेजों में रंगमंच और उत्पादन कार्यशालाओं के आयोजन के लिए उचित उपाय करने पर जोर दिया। 
विज्ञापन


उन्होंने प्रदेश में रंगमंच को बढ़ावा देने में रंगमंच हस्तियों के प्रयासों की सराहना की। प्रो. उमेश राय कुलपति जम्मू विश्वविद्यालय और प्रोफेसर रमेश चंद्र गौर निदेशक एनएसडी ने थिएटर उत्सव के दौरान दी जाने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर पद्म श्री बलवंत ठाकुर सहित अन्य रंगमंच हस्तियां मौजूद रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें