ये है मामला
एक मामले में प्रोबेशनरी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और सिविल जज अजय कुमार सरीन ने रोहित कृष्ण भट पर हमला करने का आरोप लगाया और इसके विपरीत भट्ट की पत्नी रागिनी राजपूत द्वारा सरीन के खिलाफ उत्पीड़न, पीछा करने और हमला करने के आरोप लगाए।। 23 जनवरी, 2024 को दर्ज की गई पहली एफआईआर में रोहित भट्ट पर सरीन पर लोहे की वस्तु से हमला करने का आरोप लगाया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं।
कुछ दिनों बाद राजपूत द्वारा एक जवाबी एफआईआर दर्ज की गई। इसमें सरीन पर लगातार उत्पीड़न और हमले का आरोप लगाया गया। मामलों में पुलिस जांच में स्पष्ट खामियां सामने आईं। मामलों की जांच कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग का उदाहरणअदालत ने कहा कि वर्तमान मामले कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग के उदाहरण हैं। जिसमें मुख्य पात्र मनगढ़ंत कहानियों का सहारा ले रहे हैं।
वर्तमान मामले तथ्यों के साथ छेड़छाड़ और बेधड़क मनगढ़ंत कहानियों का सहारा लेकर कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग का जीवंत उदाहरण हैं। ये पुलिस स्टेशन जानीपुर जम्मू द्वारा जांच दृष्टिकोण के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये से प्रेरित है। जो इस तरह से कार्य कर रहा है। दोनों पक्षों की विश्वसनीयता को कमजोर किया।