केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किश्तवाड़ में पिछले एक वर्ष में हुई आतंकी घटनाओं के मामलों की जांच एनआईए को सौंप दी है। अब जल्द ही एनआईए की टीम के किश्तवाड़ पहुंचने की संभावन है। वहीं सोमवार को पिस्टल व ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किए ओजीडब्ल्यू से पुलिस ने पूछताछ जारी रखी है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार अभी भी किश्तवाड़ में दर्जनों ओजीडब्ल्यू सक्रिय हैं। सोमवार को ओजीडब्ल्यू के पकड़ जाने के बाद किश्तवाड़ में सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में किश्तवाड़ में कई आतंकी घटनाएं सामने आ चुकी है। एक नवंबर 2018 को भाजपा नेता अनिल परिहार व उनके भाई की हत्या आतंकियों ने कर दी थी। इसके बाद नौ अप्रैल 2019 को आरएसएस कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा व उनके अंगरक्षक राजेंद्र कुमार की आतंकियों ने हत्या कर दी थी।
इसके अलावा आठ मार्च 2019 को डीसी के अंगरक्षक की राइफल छीनने का भी मामले सामने आया था। इसके साथ ही 13 सितंबर 2019 को पीडीपी नेता नासिर हुसैन शेेख के पीएसओ का भी हथियार लूट लिया था।