सीजफायर की आड़ में पाकिस्तान आतंकियों की घुसपैठ, हथियारों और नशे की तस्करी कराने से बाज नहीं आ रहा। वर्ष 2018 के बाद से अब तक पाकिस्तान ने लगातार एलओसी पर इस तरह के प्रयास किए हैं। यहां तक कि आतंकवाद के दौर के बाद पहली बार राजोरी जिले में नागरिकों पर हमला करने के लिए भी आतंकी एलओसी से आए। पहले आतंकियों की घुसपैठ कराकर हमले कराए जाते थे, लेकिन अब नशे और हथियारों की तस्करी भी कराई जा रही है। यहां तक कि पाकिस्तान की तरफ से अब आम नागरिकों का इस्तेमाल कर उनसे घुसपैठ कराकर आतंकियों की मदद कराई जा रही है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में दोनों देशों के बीच सीजफायर का करार हुआ था, लेकिन पाकिस्तान सीजफायर की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ कराता रहा। यह सिलसिला अब भी जारी है। वर्ष 2018 में सीजफायर के बावजूद एलओसी और आईबी पर 143 बार घुसपैठ करने की कोशिश की। इसी तरह से 2019 में 138 बार, 2020 में 54 बार, 2021 में 34 बार, 2022 में 19 बार और 2023 में अब तक 5 बार एलओसी से घुसपैठ करने के प्रयास किए जा चुके हैं। इस तरह से राजोरी, पुंछ, सांबा, कठुआ, जम्मू, कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा एलओसी और आईबी पर 2018 से लेकर अब तक 393 बार घुसपैठ हो चुकी है।
पुंछ और कुपवाड़ा में सबसे अधिक प्रयास
बता दें कि पाकिस्तानी सेना कश्मीर के कुपवाड़ा और जम्मू संभाग के पुंछ जिले की एलओसी पर सबसे अधिक घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है। पिछले 5 साल में इन दोनों जिलों से करीब 300 बार घुसपैठ हो चुकी है। आतंकियों को लगातार सीमा पार से भेजने और हथियार पहुंचाने के प्रयास हो रहे हैं, जो सेना के लिए बड़ी चुनौती है। सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी ने जानबूझ कर सीजफायर किया, ताकि इसकी आड़ में आतंकी गतिविधियों को चलाता रहे। यहीं कारण है कि लगातार घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं।
पाकिस्तानी सेना का पूरा सहयोग
सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी सेना और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकियों का पूरा सहयोग कर रही हैं। पीओजेके में आतंकियों को पाकिस्तानी सेना अपने शिविरों में पनाह देकर बैठी हुई है। पुंछ और राजोरी जिले में एलओसी के उस पास करीब 9 लांच पैड पर 150 से अधिक प्रशिक्षित आतंकी पनाह लेकर बैठे हुए हैं, जिनको घुसपैठ के लिए तैयार किया गया है।
बर्फ पिघलने पर प्रयास तेज होने की आशंका
बता दें कि अगले महीने से कश्मीर के कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला में एलओसी पर घुसपैठ के प्रयास तेज हो सकते हैं, क्योंकि अब इन जिलों में एलओसी पर पड़ी बर्फ पिघलना शुरू हो जाएगी। बर्फबारी से घुसपैठ के रास्ते बंद हो जाते हैं। अब यह रास्ते खुलने लगे हैं। यहां से आतंकी घुसपैठ तेज कर सकते हैं।