राजोरी एलओसी पर तैनात सेना का जवान
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पुंछ भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान से घुसपैठ की कोशिश में शामिल आतंकी भारतीय सेना की अग्रिम चौकी पर बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) हमला करने की फिराक में आए थे। सेना के चौकस जवानों ने न सिर्फ घुसपैठियों के नापाक इरादों को नाकाम बनाया, बल्कि अपने ऊपर होने वाली बड़ी घटना को भी समय रहते टाल दिया।
बुधवार देर रात को जिले में मौसम खराब हो गया था। जोरदार हवाओं के साथ बिजली चमकी और बारिश हुई। सूत्रों की मानें तो इसकी आड़ में जिले के करमाड़ा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के उस पार से पाकिस्तानी सेना के सहयोग से आतंकियों के एक दल ने घुसपैठ की कोशिश की।
इसमें तीन से चार आतंकी शामिल थे जो बैट टीम के सदस्य थे। उन्होंने बैट हमले को अंजाम देने के इरादे से घुसपैठ की। जैसे ही भारतीय सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ पर नजर रखने के लिए स्थापित किए उपकरणों में संदिग्धों को भारतीय क्षेत्र में देखा तो अधिकारियों को सूचना देने के साथ संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
वीरवार को जैसे ही संदिग्ध तारबंदी के पास पहुंचे, और तार काटने का प्रयास किया तो जवानों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक शुरू हुई गोलीबारी से घुसपैठिये जान बचाने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में भाग निकले। सूत्रों के अनुसार बॉर्डर एक्शन टीम सीमा पर सेना की चौकियों को निशाना बनाने के इरादे घुसपैठ करती है।
अगर ये आतंकी घुसपैठ करने में सफल हो जाते तो वह बैट हमले को अंजाम देते। गौरतलब है कि करमाड़ा क्षेत्र में इससे पूर्व भी दो बार आतंकियों ने बैट हमले को अंजाम दिया है। जबकि, कई बार सेना ने बैट प्रयासों को नाकाम बनाया है।