जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने प्रदेश के 12 जिलों से 60 फेंसर का चयन खेलों इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) के लिए किया है। लेकिन सेंटर में हाई परफॉर्मेंस मैनेजर (एचपीएम) ही नहीं है। एचपीएम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, ऐसे में बिना एचपीएम के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
खेलो इंडिया योजना के तहत एमए स्टेडियम में फेंसिंग का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू हुआ था। सेंटर में स्पोर्ट्स काउंसिल ने डॉ. दीपक सिंह पटियाल को संविदा पर एचपीएम नियुक्त किया था। नियुक्ति के छह महीने के अंदर ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
अपने इस्तीफा पत्र में उन्होंने स्पोर्ट्स काउंसिल में व्यावसायिकता और मानवीय दृष्टिकोण नहीं होने और छह महीने से वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है। एक्सीलेंस सेंटर में एचपीएम का खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने से लेकर सेंटर की व्यवस्था को पुख्ता करने में अहम योगदान रहता है। बिना एचपीएम के सेंटर के लिए खिलाड़ियों का भी चयन नहीं हो सकता है, लेकिन काउंसलि ने सभी नियमों को ताक पर रखकर 60 खिलाड़ियों का चयन किया है।
इन खिलाड़ियों में पुरुष और महिला वर्ग में 30-30 फेंसर शामिल हैं। कुल 60 में 33 खिलाड़ी जम्मू जिले से जबकि बाकी अन्य जिलों से हैं। ऐसे में इन खिलाड़ियों के लिए जम्मू में परीक्षण लेना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि स्पोर्ट्स काउंसिल ने इन खिलाड़ियों को आवासी और खाने की सुविधा देने का दावा किया।
60 खिलाड़ियों का चयन किया हैं। जिन्हें निशुल्क प्रशिक्षण के साथ-साथ आवासी सुविधा भी मिलेगी। 25 मार्च तक खिलाड़ियों को अपने दस्तावेजों की जांच करवानी होगी। - शेख रियाज अहमद, प्रशासनिक अधिकारी, स्पोर्ट्स काउंसिल।