उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय धर ने पहाड़ी भाषी लोगों को दिए गए चार फीसदी आरक्षण को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। मोहम्मद अनवर चौधरी द्वारा दायर याचिका में आरक्षण के संबंध में जारी एसओ (वैधानिक आदेश) संख्या 127 को रद्द करने की मांग की गई थी।
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जम्मू-कश्मीर आरक्षण नियम 2005 में संशोधन कर प्रदेश में सेवा, वर्ग श्रेणी, सेवाओं में ग्रेड और पद के संबंध में पहाड़ी भाषी लोगों को चार फीसदी आरक्षण प्रदान किया गया है। न्यायमूर्ति संजय धर ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में तीसरा पक्ष है।
याचिका में यह भी नहीं बताया गया है कि किस तरह से उसके व्यक्तिगत या सामुदायिक स्तर पर किसी के अधिकारों का हनन हुआ है। इसमें याचिकाकर्ता कहीं पर भी सरकार के आदेश से प्रभावित प्रतीत नहीं हो रहा है, लिहाजा याचिका खारिज की जाती है।