फैसले को लेकर बवाल मच गया है। युवाओं समेत विभिन्न राजनीतिक संगठनों ने विरोध जताया है। नेशनल पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह ने कहा कि प्रदेश में बाहर के लोगों को रोजगार देने के फैसले को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। किसी को भी बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय करने का हक नहीं है। उधर सीपीआई(एम) के महासचिव जीएन मलिक ने कहा कि सरकार के इस फैसले से स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा। राज्य में युवा पढ़ लिखकर भी रोजगार हासिल नहीं कर पाएंगे।