नियुक्ति आदेश की अनुपालना रिपोर्ट न देने पर व्यक्तिगत हाजिरी के दिए थे आदेश। जमानती वारंट जारी करने के बाद भी कोर्ट में उपस्थित न हुए तत्कालीन जीएडी आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी।
अदालत में हाजिरी सुनिश्चित कराने के लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के तत्कालीन आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी के नाम गैर जमानती वारंटी जारी किया है।
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इस वारंट की तामील कराने की जिम्मेदारी एसएसपी को सौंपी गई है। कोर्ट ने पाया कि द्विवेदी को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कई बार समय दिया गया। जमानती वारंट भी जारी किया गया, लेकिन न तो उन्होंने अनुपालना रिपोर्ट सौंपी और न ही व्यक्तिगत पेशी के आदेश पर अमल किया।
यह मामला एक याचिका पर फैसले से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ता ने जम्मू-कश्मीर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में चयन की मांग की थी। कोर्ट ने वेटिंग लिस्ट अथवा किसी पद के खाली होने पर नियुक्ति करने के आदेश दिए थे।
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प्रतिवादी ने एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। दोनों ही अदालतों ने एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा। याची पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश सिंधु शर्मा ने पाया कि आदेश पर अमल के लिए कोर्ट ने 22 सितंबर 2022 को प्रतिवादी से विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया था।
जवाब न आने पर 12 अक्तूबर 2022 को जमानती वारंट जारी किया गया। द्विवेदी ने व्यक्तिगत हाजिरी में राहत की मांग की, जिसे खारिज कर दिया गया।
कोर्ट ने पाया कि जमानती वारंट जारी करने के बाद भी न तो कोर्ट आदेश की अनुपालना रिपोर्ट सौंपी गई और न ही अधिकारी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। लिहाजा कोर्ट को अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गैर जमानती वारंट जारी करना पड़ा।