फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू कश्मीर: विलेज डिफेंस ग्रुप योजना पर हाईकोर्ट की रोक, प्रदेश सरकार से चार हफ्तों में जवाब मांगा

Thu, 05 Jan 2023 02:19 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

विलेज डिफेंस कमेटियों में काम करने वाले एसपीओ ने हाईकोर्ट में सरकार की नई पालिसी विलेज डिफेंस ग्रुप को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा, वीडीसी को एसपीओ के नेतृत्व में चलाया जाता है, जिसे 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का प्रावधान है।
विज्ञापन
highcourt srinagar - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने सरकार की विलेज डिफेंस ग्रुप पालिसी पर रोक लगा दी है। सरकार से चार हफ्तों में पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इस दौरान याचिकाकर्ताओं को पुरानी विलेज डिफेंस कमेटी योजना के तहत ही मानदेय देने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


विलेज डिफेंस कमेटियों में काम करने वाले एसपीओ ने हाईकोर्ट में सरकार की नई पालिसी विलेज डिफेंस ग्रुप को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा, वीडीसी को एसपीओ के नेतृत्व में चलाया जाता है, जिसे 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का प्रावधान है।

एसपीओ की नियुक्ति पुलिस अधिनियम के तहत की गई है। सरकार ने वीडीसी की जगह विलेज डिफेंस ग्रुप योजना लागू कर एसपीओ का मानदेय 18000 रुपये से घटाकर 4500 कर दिया।
विज्ञापन


सरकार की ओर से विशाल शर्मा और एडवोकेट मोनिका कोहली ने कहा, नई योजना लागू होने से 1995 में लागू की गई योजना स्वत: ही रद्द हो गई है। वीडीसी में केवल एसपीओ को मानदेय मिल रहा था, जबकि वीडीजी बनाए जाने से सभी सदस्य मानदेय के हकदार हो गए हैं। 

जज ने पूछा -काम एक ही तरह का तो मानदेय कैसे घटा सकते हैं

दोनों पक्ष सुनने के बाद न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा, याचिकाकर्ता की दलीलें वाजिब हैं। एक ही तरह का काम लेकर मानदेय को 18000 रुपये से घटाकर 4500 रुपये प्रतिमाह कैसे किया जा सकता है। सरकार इस पर अपना जवाब दाखिल करे। इस बीच याचिकाकर्ता को पहले की तरह मानदेय देना जारी रखना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें