लॉकडाउन हटने के बाद सरकार को एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को चीफ गीता मित्तल और जस्टिस रजनीश ओसवाल वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक कल्याण विभाग, सूचना विभाग के निदेेशक और स्टेट लीगल सर्विस अथारिटी के सदस्यों को एक हफ्ते के भीतर बैठक करके इसके लिए एक्शन प्लान बनाकर हाईकोर्ट के पास पेश करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि जब इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। तब सरकार की तरफ से कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई। हाईकोर्ट ने कहा कि इस रिपोर्ट में वहीं सब पुराना था। पूर्व में किए गए इंतजामों की ही जानकारी दी गई थी जबकि भविष्य की कोई रणनीति शामिल नहीं की गई। किसी भी शिक्षण संस्थान, व्यापारिक प्रतिष्ठान, कारोबार आदि के लॉकडाउन खुलने के बाद शुरू होने पर लोगों को पता होना चाहिए उन्हें किस तरह से पेश आना है।
लॉकडाउन के बाद उन्हें क्या कुछ करना है, इसके बारे में लोगों का जागरूक होना बहुत आवश्यक है और इसकी उन्हें जानकारी देनी चाहिए। इस रिपोर्ट को कोर्ट ने खारिज करते हुए सूचना विभाग के निदेशक से कहा कि उन्हें एक्शन प्लान तैयार करके दें कि लॉकडाउन के बाद किस तरह से निपटेंगे।
बता दें कि 17 मई को लॉकडाउन का तीसरा चरण खत्म होने जा रहा है। प्रशासन की ओर से कई रियायेतें दी जा रही हैं। कई कारोबार खोले जाने की उम्मीद है। लेकिन इनके खुलने से कोरोना महामारी न फैले। इसके लिए क्या करना होगा। यह अभी तय नहीं किया गया है। जिस पर हाईकोर्ट गंभीर है।