जोखिम नहीं लेना चाहती पुलिस, चुनाव से पहले जम्मू संभाग रहा आतंकियों का टार्गेटत्योहार के चलते सुरक्षा के मामले में पुलिस और सुरक्षाबल किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। इसका एक कारण यह भी है कि विधानसभा चुनाव से पहले जम्मू संभाग के जिला कठुआ का बनी क्षेत्र अचानक से आतंकियों के टार्गेट पर आया था।
अपनी रणनीति को बदलते हुए आतंकियों ने 90 के दशक के इस रूट को फिर से इस्तेमाल करना शुरू किया था। बनी क्षेत्र में गढ़वाल रेजिमेंट के गश्ती वाहन पर आतंकियों ने गोलियां बरसा दी थीं। इस हमले में पांच जवान बलिदान हो गए थे। हालांकि यहां अब सेना बढ़ा दी गई है। पूर्व के आतंकी हमलों को देखते हुए प्रदेश के प्रवेशद्वार से लेकर जम्मू शहर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस पैनी नजर रख रही है।
धनतेसर और दिवाली की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ पर भी नजर
धनतेरस और दिवाली की खरीदारी को लेकर शहर के रघुनाथ सहित अन्य बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। जाम की स्थिति से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कमान संभाली है। भीड़ में कोई अनहोनी न हो इसके लिए पुलिस की दिनभर बाजारों में भी नजर है।
दमकल विभाग ने जारी की एडवाइजरी आतिशबाजी के समय सिंथेटिक कपड़े न पहनेंदिवाली के मद्देनजर दमकल विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि सुरक्षित दिवाली के लिए क्या करें और क्या न करें। इसमें कहा है कि लाइसेंस धारक से ही पटाखे खरीदें। इसके अलावा खरीदारी करते वक्त पैकेजिंग का सर्टिफिकेट चेक करें।
आतिशबाजी से पहले सावधानियां पढ़ने पर भी जोर दिया गया है। एडवाइजरी के अनुसार, आतिशबाजी करते समय अपने पास पानी रखें। सिंथेटिक कपड़ों की जगह सुरक्षित कपड़े पहनें और चश्मा आदि लगाकर रखें। बच्चों को इनसे दूर रखें और बालों को बांध कर रखें। विभाग ने कहा है कि स्कूलों, कालेजों और अस्पताल के पास आतिशबाजी नहीं करें। पटाखे हाथों में लेकर न चलाएं। इसके अलावा ज्वलित पदार्थों के नजदीक आतिशबाजी नहीं करें।