जम्मू-कश्मीर के थानों में पहुंचने वाली महिलाओं को अब दरबदर नहीं भटकना होगा। इनके लिए पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। वे बिना किसी झिझक की अपनी परेशानी बता सकती हैं। महिलाओं के लिए पुलिस स्टेशनों को अनुकूल व सुलभ बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। हेल्प डेस्क की मदद से पुलिस थाने में आने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें भी दूर होंगी। महिलाओं को अपनी शिकायतें बताने में भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा डेस्क की प्रभारी महिला अधिकारी को ही बनाया गया है ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं बता सकें। इस पहल के तहत पूरे प्रदेश में हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं।
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यह महिला हेल्प डेस्क पुलिस स्टेशन पहुंचने वाली किसी भी महिला के लिए पहला और सिंगल पॉइंट ऑफ कांटेक्ट होगा। इसकी प्रभारी भी महिला पुलिस अधिकारी रखी गई हैं। महिला हेल्प डेस्क के अधिकारी किसी भी प्रकार के महिला संबंधित मामलों को पुलिस स्टेशन में दर्ज करने के प्रबंधन के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं। शुक्रवार को सांबा जिले के विजयपुर व घगवाल में महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया गया। इससे पहले वीरवार को किश्तवाड़ में पांच थानों-किश्तवाड़, छात्रू, अठोली, मारवाह व वारवान, 12 अप्रैल को उधमपुर के रेहमबल में भी हेल्प डेस्क स्थापित किया गया।
कश्मीर संभाग में अब तक 59 हेल्प डेस्क स्थापित हो चुके हैं हैं। सभी हेल्प डेस्क को निर्देशित किया है कि वह उन तक पहुंचने वाले मामलों का संज्ञान लेने के बाद उन्हें संबंधित अधिकारियों को ट्रांसफर कर उनका सही से फॉलोअप कराएं। महिला को पूरा समर्थन दें और आश्वासन दिलाएं। इन हेल्प डेस्क पर काम करने वाली महिला पुलिस कर्मियों के आवश्यक प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन को प्राथमिकता दी जाएगी। डेस्क की स्थापना इसलिए की गई है ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक के पुलिस के साथ संपर्क साध सकें। इन महिला हेल्प डेस्क की स्थापना से काउंसलिंग और उनसे संबंधित किसी भी अपराध की रिपोर्ट करने के लिए महिलाओं की पुलिस थानों तक पहुंच में वृद्धि होगी।
आपात स्थिति के लिए 112 करें डायल
आईजीपी कश्मीर जोन विजय कुमार ने कहा कि महिला हेल्प डेस्क की स्थापना से घटना स्थल तक या अपराध की जड़ तक जाने में पुलिस रिस्पांस टाइम में कमी आएगी। कोई भी व्यक्ति विशेष रूप से संकटग्रस्त महिला किसी भी आपात स्थिति के लिए 112 डायल कर सकती है।
बढ़ते अपराध के मद्देनजर पहल
महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध के मद्देनजर हेल्प डेस्क स्थापित करने का फैसला किया गया है। घरेलू हिंसा, छेड़खानी, परेशान करना, यौन शोषण, साइबर से जुड़े अपराधों समेत अन्य प्रकार की परेशानी पीड़ित महिला बिना किसी हिचक के रख सकती है।