जम्मू-कश्मीर में गन फैक्ट्रियों के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए एक महीने की तारीख बढ़ गई है। केंद्रीय गृह विभाग के सचिव एससीएल दास द्वारा जम्मू कश्मीर के गृह विभाग के प्रधान सचिव आरके गोयल को दिए गए पत्र के अनुसार तीन साल में गन फैक्ट्री मालिकों को लाइसेंस के लिए फार्म-7 पाना अनिवार्य था। इसकी तारीख 31 दिसंबर समाप्त हो गई। केंद्रीय गृह विभाग ने अब इसकी तारीख एक महीने के लिए बढ़ा दी है।
तारीख बढ़ाने के साथ ही गन फैक्ट्री मालिकों को राहत प्रदान की गई है। आर्म्स रूल एक्ट 2016 के तहत फार्म-7 के नवीनीकरण की तारीख पहले जुलाई 2018 रखी गई थी। फिर तारीख को दिसंबर तक बढ़ाई गई थी। अब एक बार फिर एक महीने की राहत दी गई है। राज्य सरकार से भी एनओसी मांगी गई। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर के अशांत होने के कारण मौखिक तौर पर लाइसेंस देने से भी इनकार किया है।
यह हैं जम्मू-कश्मीर की गन फैक्टरी
गन फैक्ट्रियों की सूची के अनुसार जम्मू-कश्मीर में करीब 30 फैक्ट्रियां मौजूद हैं। हालांकि 21 गन फैक्ट्रियों की ही सूची केंद्र सरकार को भेजी गई है। इसमें मेसर्स अमर वर्कशाप, मेसर्स भागर्व आर्म्स कंपनी, मेसर्स खजूरिया गन वर्क्स, मेसर्स हेमराज गन वर्क्स, मेसर्स फ्रेंडज एंड कंपनी, मेसर्स गोवर्धन लाल एंड संस, मेसर्स फ्री इंडिया गंस, मेसर्स संतोखू गन हाउस, मेसर्स उत्तम गर्न वर्क्स, मेसर्स प्रीम सिंह एंड संस, मेसर्स स्टेंडर्ड गन वर्क्स, मेसर्स माडर्न गन वर्क्स, मेसर्स कलसी गन वर्क्स, मेसर्स बुमराह गन वर्क्स, मेसर्स नया कश्मीर सिंडिकेट गन मेनूफेक्चर्स, मेसर्स खेर-उद-दीन संस एंड कंपनी, मेसर्स खालसा गन वर्क्स, मेसर्स स्माल आर्म्स, मेसर्स सोहन सिंह इंजीनियरिंग वर्क्स, मेसर्स गुलाब गन फैक्ट्री, मेसर्स जाडू गन फैक्ट्री, मेसर्स, मेहर सिंह एंड संस, विश्वकर्मा गन वर्क्स, शुभम संस श्रीनगर, हिमालय आर्म्स कंपनी, शिवा गन फैक्ट्री, पापुलर गन फैक्ट्री, जगजीत गन वर्क्स शामिल हैं। हालांकि इनमें से अधिकतर फैक्ट्रियां पारिवारिक विवादों के कारण बंद हैं।