दरबार मूव के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर लेते राज्यपाल सत्यपाल मलिक
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि किश्तवाड़ में भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार व उनके भाई के हत्यारों की पहचान कर ली गई है। इस घटना को सौ फीसदी आतंकियों ने ही अंजाम दिया था, यह साबित हो गया है। जल्द ही हत्यारे सामने होंगे।
पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह आतंकवादियों और पाकिस्तान की तरफ से हताशा में किया गया कृत्य है। घाटी में बिना हिंसा के चुनाव संपन्न हो जाने तथा आतंकी घटनाओं में कमी से हताश पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने आतंकियों को किसी भी घटना को अंजाम देने की हिदायत दी है। सरकार ने हत्या की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। उसे जांच तेज करने तथा जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। घटना के बाद दोनों संप्रदायों ने धैर्य का परिचय दिया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। राज्यपाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोग आपसी भाईचारा तथा सौहार्द्र बनाए रखें।
ज्ञात हो कि एक नवंबर को परिहार बंधुओं की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद किश्तवाड़ और डोडा में कर्फ्यू लगा दिया गया था। डोडा से कर्फ्यू पूरी तरह हटा लिया गया है, जबकि किश्तवाड़ में पिछले तीन दिनों से कर्फ्यू में कुछ घंटों की ढील दी जा रही है।
चूहों की तरह बिल में घुस गए हैं आतंकी
राज्यपाल ने कहा कि निकाय चुनाव के मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए, इस बात से आतंकी संगठन परेशान थे। राज्य में सुरक्षाबलों का मनोबल बहुत ऊंचा है, वे आतंकियों को चुनाव में किसी भी प्रकार का खलल पैदा नहीं करने देंगे। आतंकी चूहों की तरह बिल में घुस गए हैं। यह पूछे जाने पर कि डोडा में हिजबुल ने धमकी भरे पोस्टर चस्पा किए हैं तो उन्होंने कहा कि आतंकियों से कोई परेशानी नहीं है। आतंकियों से पंचायत चुनाव प्रभावित नहीं होंगे। बस मौसम ठीक रहना चाहिए, आतंकियों से तो निपट लिया जाएगा।