जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने 73वें स्वतंत्रता दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई दी है। साथ ही प्रदेश में उन्नति और प्रगति की कामना भी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आतंकवाद के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षाबल आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। सुरक्षाबलों पर आत्मघाती हमले हुए। सीमा पर कई जवानों ने जान गंवाई है। इंटरनेशनल बार्डर के आसपास रहने वाले लोगों की समस्या का निदान किया जा रहा है। यहां के लोगों को भर्ती, उन्नति और दाखिलों में विशेष छूट दी गई है, एलओसी के साथ रहने वाले लोगों को भी आरक्षण दिया जा रहा है। कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है।
राज्यपाल प्रशासन पंडितों की गृह वापसी सुरक्षित तरीके से करवाएगा। छह हजार पदों में से तीन हजारों पद को भरा जा रहा है। प्रदेश में छह पुलिस स्टेशनों का गठन किया गया है। एसीबी भ्रष्टाचार मामलों में निष्पक्ष जांच कर रहा है। अमरनाथ यात्रा तीस दिनों तक चली। इसमें लाखों श्रद्धालुओं ने हिमलिंग के दर्शन किए हैं। श्रीनगर और जम्मू शहर में विकास के लिए मेट्रोपोलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया गया। यातायात समस्या से निदान के लिए लाइट रेल ट्रांजिस्ट सिस्टम श्रीनगर और जम्मू कॉरीडोर को मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ढांचे को मजबूत किया गया है। पांच नए मेडिकल कालेजों को चालू किया गया है। 400 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें दी गईं। आयुष्मान भारत स्कीम से भी लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। गोल्डन कार्ड से 57 फीसदी लोगों को कवर किया गया है। कई स्कूल और कॉलेजों को भी खोला गया। कृषि क्षेत्र में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की गई है। कश्मीरी सेब और अन्य फलों को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपल्ब्ध करवाए गए। जेएंडके पुलिस के जवानों को भी हार्डशिप भत्ता दिया गया। उन्होंने कहा कि जेएंडके की पहचान को कोई नुकसान नहीं हुआ है। श्रीनगर से कन्याकुमारी तक कश्मीर जुड़ा हुआ है।