जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सेब उत्पादकों को धमकी मिलने की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेताया कि धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके साथ सख्ती के साथ निपटा जाएगा। सरकार हर हाल में किसानों की रक्षा करेगी। सोपोर में एक फल कारोबारी के घर गत शनिवार को हुए आतंकी हमले के बाद राज्यपाल का यह बयान सामने आया है। माना जा रहा है कि फल उत्पादकों में विश्वास बहाली की दिशा में यह कदम उठाया गया है। इस हमले में ढाई वर्ष की बच्ची समेत चार घायल हो गए थे।
सेब उत्पादकों के लिए स्पेशल मार्केट इंटरवेंशन स्कीम का वीरवार को शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से कहा कि घाटी में सेब उत्पादकों को धमकी देने वालों को दंडित किया जाएगा। कहा कि मैं उन लोगों को चेतावनी देना चाहता हूं जो हमारे किसान भाइयों को धमकी दे रहे हैं। वे या तो तुरंत अपना व्यवहार बदलें, अन्यथा हम किसानों को पूरी सुरक्षा देंगे और हम उनकी पूरी रक्षा करेंगे।
किसी को भी किसानों को परेशान नहीं करना चाहिए। अगर कोई किसान अपना उत्पाद नहीं बेचना चाहता है तो हम उसे बाध्य नहीं करेंगे। लेकिन अगर वह बेच रहा है और आप उसे धमकी दे रहे हैं तथा उसकी दो वर्ष की बेटी पर भी गोली चला रहे हैं तो आप ज्यादा समय तक नहीं बच सकते।
स्पेशल मार्केट इंटरवेंशन स्कीम का शुभारंभ
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने घाटी में उत्पन्न हालात के बीच सेब उत्पादकों के लिए वीरवार को स्पेशल मार्केट इंटरवेंशन स्कीम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का लक्ष्य सेब उत्पादकों को लाभकारी मूल्य दिलाना है। नेफेड की ओर से सेब की खरीदारी की जाएगी। इससे इस उद्योग से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सात लाख किसानों को लाभ मिलेगा। बाद में योजना के बारे में प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने बताया कि सोपोर, शोपियां, बटेंगू तथा पारिमपोरा में मंडियां स्थापित की गई हैं। किसानों को ट्रांसपोर्ट की भी चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसकी व्यवस्था खरीदार की ओर से की जाएगी। सेब की खरीद के तीन दिन के भीतर पैसा फल उत्पादक के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। सी ग्रेड के सेब की खरीदारी 800 करोड़ रुपये से की जाएगी।