देशभर में मैगी पर मचे उबाल के बाद रियासत सरकार ने भी अवाम से फिलहाल मैगी न खाने की अपील की है। साथ ही जन वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने विभाग के सभी निदेशकों को रियासत के सभी जिलों से मैगी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के भी निर्देश जारी किए हैं।
मंत्री की ओर से जारी निर्देश में अगले दो दिन में सैंपलों की रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कई अन्य राज्यों में मैगी के सैंपलों में तय मात्रा से अधिक लेड पाए जाने के बाद मचे बवाल के मद्देनजर रियासत सरकार ने भी इस मामले में कार्रवाई शुरू की है।
रियासत सरकार ने सैंपलों की रिपोर्ट आने तक लोगों से मैगी न खाने की अपील की है। मैगी पर प्रतिबंध लगाने अथवा मैगी बनाने वाली कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के संबंध में मंत्री का कहना था कि सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रव्राइ पर विचार किया जाएगा।
ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन की टीम ने नरवाल स्थित मैगी के डिपो पर छापामारी की। इस दौरान टीम के सदस्यों ने अलग-अलग बैच के चार सैंपल उठाए हैं, इसके साथ ही उन्हें जांच के लिए स्टेट लैबोरेटरी भेजा गया है।
आर्गेनाइजेशन के सहायक नियंत्रक के नेतृत्व वाली टीम ने दल-बल के साथ नरवाल स्थित मैगी के प्रमुख डिपो पर छापामारी की। इस दौरान टीम के सदस्यों ने प्रमुख डिपो से अलग-अलग बैच के चार सैंपल उठाए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैबोरेटरी भेज दिया गया है।
जांच रिपोर्ट पंद्रह दिन के बाद आएगी। सूत्रों के मुताबिक विभागीय टीम ने निर्देश दिए हैं कि जब तक उठाए गए बैच की मैगी के सैंपल की रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक मार्केट में उस बैच की मैगी न बेची जाए। बताया जा रहा है कि मैगी सेहत के लिए लाभदायक नहीं है। इसलिए इस पर सरकार भी सख्त नजर आ रही है।