पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने कहा है कि जेएनयू मामले में कन्हैया कुमार एवं अन्य के खिलाफ देशद्रोह कानून लगाया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपहास है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार एवं नौ अन्य छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर देशविरोधी नारे लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने सोमवार को उनके विरुद्ध देशद्रोह का आरोप लगाया है।
फैसल ने ट्वीट किया कि कन्हैया कुमार एवं आठ अन्य के खिलाफ देशद्रोह कानून लगाया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपहास है।
भारतीय दंड संहिता की धारा 124 समय को देखते हुए बेतुकी हो चुकी है। दुनिया काफी आगे बढ़ गई है। समय आ गया है कि हमारी सरकार को परिपक्वता दिखानी चाहिए।