आदेश के अनुसार कमेटी में जिला कोषाधिकारी, संबंधित तहसीलदार और अन्य सदस्यों के रूप में सहायक आयुक्त या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी शामिल होंगे। रघुनाथ मंदिर बरजुल्ला के प्रबंधक विजय शर्मा ने याचिका दायर कर वित्तीय आयुक्त की ओर से 16 अक्तूबर 2019 को पारित आदेश की समीक्षा की मांग की गई थी।
सरकार ने बरजुल्ला में स्थित रघुनाथ मंदिर की संपत्ति की निगरानी के लिए सरकारी अधिकारियों की एक चार सदस्यीय कमेटी बनाने का आदेश श्रीनगर उपायुक्त को दिया है। उन्होंने कहा है कि डीसी मंदिर की संपत्ति की उचित देखभाल के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी तंत्र स्थापित करने के लिए उचित कदम उठाएं। वित्तीय आयुक्त (राजस्व) शालीन काबरा ने यह आदेश जारी किया है।
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आदेश के अनुसार इस कमेटी में जिला कोषाधिकारी, संबंधित तहसीलदार और अन्य सदस्यों के रूप में सहायक आयुक्त/उप-मंडल मजिस्ट्रेट या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी शामिल होंगे। रघुनाथ मंदिर बरजुल्ला के प्रबंधक विजय शर्मा ने एक याचिका दायर कर वित्तीय आयुक्त की ओर से 16 अक्तूबर 2019 को पारित आदेश की समीक्षा की मांग की गई थी।
इसके आधार पर उनके नाम पर संपत्ति के दाखिल खारिज को रद्द करने को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था। वित्तीय आयुक्त ने दाखिल खारिज को इस आधार पर रद्द कर दिया था कि मंदिर की संपत्ति किसी निजी व्यक्ति को विरासत में नहीं मिल सकती है।
मंदिर की जमीन पर देवता का स्वामित्व
वित्तीय आयुक्त ने छह अक्तूबर को पारित अपने आदेश में कहा है कि मंडलायुक्त कश्मीर 15 दिन के अंदर मंदिर की 156 कनाल, 10 मरला और 92 फुट जमीन पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करेंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए माना कि मंदिर की संपत्ति कानूनी तौर पर देवता के स्वामित्व में है और किसी निजी व्यक्ति को विरासत में नहीं मिल सकती है।