सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जनहित याचिकाओं का एक बैच जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के सुपुर्द कर दिया। ये सभी पीआईएल पिछले साल दाखिल की गई हैं। इनमें केंद्र और राज्य सरकार को सूबे में आई बाढ़ के पीड़ितों को दवाएं और कैश उपलब्ध कराने जैसी अलग-अलग तरह की राहत उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की गई है।
जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस यूयू ललित की सामाजिक न्याय बेंच ने कहा, ‘हमने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से इन याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों को देखने के हमारे पूर्व के आदेश का पालन करने के लिए एक कमेटी गठित करने का अनुरोध किया है।’
बेंच ने वरिष्ठ अधिवक्ता और जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के प्रमुख भीम सिंह की उस याचिका को भी अस्वीकार कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि याचिका को शीर्ष कोर्ट में लंबित रखा जा सकता है। बेंच ने कहा, ‘माफ कीजिए, हम यह नहीं कर सकते।
हमारे आदेश के पालन के लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करेंगे। इसका अध्यक्ष एक वरिष्ठ रजिस्ट्रार को बनाया जाएगा। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को फैसला लेने दीजिए। हम इन याचिकाओं को दूसरों के साथ जोड़ देंगे।’