जम्मू-कश्मीर में बिजली ढांचे में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने 5641.91 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह राशि शहरी और ग्रामीण इलाके में ढांचा सुधार के पहले चरण में खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी है। एलजी ने बताया कि केंद्र सरकार ने रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत यह राशि स्वीकृत की है।
श्रीनगर में कश्मीर बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ओर से सोमवार को उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य पर आयोजित समारोह में उपराज्यपाल ने कहा कि पहले चरण के प्रोजेक्ट में स्मार्ट प्री पेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही आधारभूत ढांचे में सुधार कर लाइन लॉस रोका जाएगा।
आधुनिकीकरण का काम दूसरे चरण में होगा, जिसके लिए अलग से फंड स्वीकृत किया होगा। उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य योजना को इस योजना के जरिये साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रशासन ने बिजली व्यवस्था के चार पिलर को मजबूत करने के लिए कई काम किए हैं।
उत्पादन, वितरण, पारेषण और कनेक्शन को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम चल रहा है। कहा कि अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी पूरी व्यवस्था के लिए कैंसर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इसके खिलाफ अभियान की शुरूआत करें और प्रशासन से सहयोग करें।
अच्छी सेवा चाहिए तो भुगतान करना ही होगा
उप राज्यपाल ने कहा कि अखबारों में अक्सर पढ़ने को मिलता है कि मीटर लगाने का विरोध किया जा रहा है। विनम्रता से निवेदन करना चाहता हूं कि सेवा की कीमत तो चुकानी ही होगी। अच्छी सेवा चाहिए तो भुगतान करना होगा।
बिना भुगतान अच्छी सेवा नहीं मिल सकती है। इसलिए सब इस व्यवस्था में सहयोग करें। वे इस बात से सहमत हैं कि गरीबों को सहूलियत मिलनी चाहिए, लेकिन जो लोग समर्थ हैं वे भी भुगतान नहीं करेंगे तो व्यवस्था नहीं चल पाएगी।