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Election: जम्मू कश्मीर की 5 लोकसभा सीटों के लिए 10 मतगणना केंद्र, एक दिल्ली में स्थापित, चार जून को होगी गिनती

Sun, 02 Jun 2024 04:27 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

मतगणना में 100 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, जिनमें वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दो पूर्व मुख्यमंत्री- नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की महबूबा मुफ्ती शामिल हैं।
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जम्मू - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर की पांच लोकसाभा सीटों के लिए 10 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से एक दिल्ली में स्थापित किया गया है, जहां कश्मीर घाटी से बाहर रह रहे कश्मीरी विस्थापितों द्वारा किए गए वोटों की गिनती होगी। चार जून को देश के बाकी सीटों के साथ ही प्रदेश की पांच सीटों पर गिनती शुरू होगी। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

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मतगणना में 100 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, जिनमें वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दो पूर्व मुख्यमंत्री- नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। अन्य दिग्गजों में कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमन भल्ला और चौधरी लाल सिंह, डीपीएपी के जीएम सरूरी, नेकां के आगा रूहुल्लाह मेहदी और मियां अल्ताफ, अपनी पार्टी के अशरफ मीर, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) के सज्जाद लोन शामिल हैं। पूर्व विधायक इंजीनियर राशिद ने इस बारा तिहाड़ जेल से चुनाव लड़ा है। 

अधिकारियों ने कहा कि सभी 10 मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा और कर्मचारियों की तैनाती सहित सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे केंद्र शासित प्रदेश (पांच लोकसभा सीटों) के मतदान केंद्रों पर संयुक्त मतदाता मतदान (वीटीआर) 58.46 प्रतिशत था। इस बार पिछले 35 वर्षों में सबसे अधिक मतदान भागीदारी हुई है। 
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कश्मीर घाटी के तीन संसदीय क्षेत्रों से 50.86 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 2019 के आम चुनावों से 30 प्रतिशत अधिक है। यहां पिछली बार 19.16 प्रतिशत मतदान हुआ था। घाटी में श्रीनगर, बारामुला और अनंतनाग-राजोरी में वीटीआर क्रमशः 38.49 प्रतिशत, 59.1 प्रतिशत और 54.84 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले तीन दशकों में सबसे अधिक है। 

प्रदेश के अन्य दो निर्वाचन क्षेत्र उधमपुर और जम्मू में क्रमशः 68.27 प्रतिशत और 72.22 प्रतिशत मतदान हुआ। उधमपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतों की गिनती कठुआ के सरकारी डिग्री कॉलेज में होगी। इस सीट पर भाजपा के केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, कांग्रेस चौधरी लाल सिंह के अलावा 10 अन्य उम्मीदवार हैं। सात उम्मीदवार निर्दलीय हैं। 

बारामुला निर्वाचन क्षेत्र में मतों की गिनती बारामुला के सरकारी डिग्री कॉलेज (लड़कों के लिए) में होगी। उमर अब्दुल्ला निर्वाचन क्षेत्र में 21 उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, उनमें से प्रमुख सज्जाद लोन और इंजीनियर राशिद हैं। सीट पर चुनाव लड़ रहे 14 निर्दलीय उम्मीदवारों में से दो महिलाएं हैं। 

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अधिकारियों ने बताया कि पीर पंजाल रेंज से विभाजित अनंतनाग-राजोरी निर्वाचन क्षेत्र में वोटों की गिनती गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (लड़कों के लिए) अनंतनाग और गवर्नमेंट पीजी कॉलेज राजोरी में होगी। महबूबा मुफ्ती इस निर्वाचन क्षेत्र से जीत की तलाश में हैं और उन्हें नेकां के मियां अल्ताफ से बड़ी चुनौती मिल रही है। 10 निर्दलीय और आठ अन्य उम्मीदवार भी हैं, जिनमें भाजपा समर्थित अपनी पार्टी के जफर मन्हास शामिल हैं।

श्रीनगर संसदीय क्षेत्र में वोटों की गिनती डल झील के किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में होगी। इस सीट पर 16 निर्दलीय सहित सबसे अधिक 24 उम्मीदवार हैं। नेकां के रूहुल्लाह, अपनी पार्टी के मीर और पीडीपी के युवा नेता वहीद पर्रा निर्वाचन क्षेत्र से मजबूत उम्मीदवार हैं। 

जम्मू निर्वाचन क्षेत्र के लिए वोटों की गिनती सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज और सरकारी एमएएम कॉलेज के परिसर में की जाएगी। इस सीट पर भाजपा के जुगल किशोर जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला इस सीट से मैदान में हैं। साथ ही 20 अन्य उम्मीदवारों रण में हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीरी प्रवासियों के मतों की गिनती जम्मू के गांधी नगर स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय, उधमपुर स्थित राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और नई दिल्ली स्थित जेएंडके हाउस में होगी। 

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पांडुरंग के पोले ने शनिवार को निर्वाचन भवन में अंतिम मतगणना से पहले जिलों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। 

बैठक में सभी जिला चुनाव अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) और एआरओ प्रवासी (जम्मू, उधमपुर और दिल्ली) शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन अधिकारियों ने सीईओ को मतगणना के लिए किए गए प्रबंधों, विशेषकर पास जारी करने, केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, मतदान कर्मियों के लिए कल्याणकारी प्रावधानों और मीडिया के साथ-साथ चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और उनके मतगणना एजेंटों के लिए सुविधा केंद्रों की व्यवस्था से अवगत कराया।

सीईओ ने जिलों को मतगणना में शामिल कर्मियों को उचित प्रशिक्षण और संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया ताकि मतगणना केंद्रों पर उचित अनुशासन और मर्यादा बनी रहे। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगाने के अलावा उचित व्यवस्था करने को भी कहा।
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