कोरोना संकट को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में वर्तमान वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर में भी आवंटित बजट के कुल खर्चों को 20 फीसदी तक सीमित रखने को कहा गया है। इससे पहले पहली तिमाही में भी 20 फीसदी की सीमा तय की गई थी। इस तरह छह महीने में कुल बजट का 40 फीसदी ही खर्च करने को विभागों को निर्देश दिया गया है। यह रोक वेतन को छोड़कर अन्य मदों में लागू होगी।
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वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि चालू विकास कार्यों और गैर निर्माण गतिविधियों पर 40 फीसदी तक खर्चों को सीमित किया जाएगा। इससे पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण विकास, विद्युत विकास और जल शक्ति विभागों की गतिविधियों को बाहर रखा गया है। ये चारों विभाग सितंबर के अंत तक 50 फीसदी खर्च कर सकते हैं और इन्हें मंजूर हुए पूरे बजट के तहत काम करने की मंजूरी होगी।
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आदेश में कहा गया है कि वेतन, मानदेय, स्टाइपेंड, छात्रवृत्ति, मुआवजा, समाज कल्याण व अन्य संबंधित विभागों की योजनाओं, जून अंत तक के अवकाश नगदीकरण दावा, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, टेलीफोन खर्च, स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग में डाइट, दवा व उपकरण, वित्तीय वर्ष के विद्युत चार्जेस, पशु-भेड़ पालन व मछली पालन विभाग में खाने व दवाओं की खरीद, सीएपीडी विभाग में खाद्य सामग्री की खरीद तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी।