रियासत जम्मू-कश्मीर में बिजली उत्पादन को करारा झटका लगा है। राज्य की अपनी कुल 21 परियोजनाओं में से दस में उत्पादन ठप पड़ा हुआ है। कहीं मशीन ब्रेक डाउन तो कहीं नहरों से पानी न मिलने, पानी जमने तो कहीं भूस्खलन की वजह से नहर ब्लाक होने से पावर हाउस बंद पड़े हैं। कुल मिलाकर 174.45 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप होकर रह गया है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रियासत की अपनी पन बिजली परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता 761.96 मेगावाट है। इनमें से दस परियोजनाओं में उत्पादन ठप हो जाने के बाद 585.51 मेगावाट बिजली की उत्पादन क्षमता ही रह गई है। गर्मियों के मौसम में रियासत खासतौर से जम्मू संभाग में बिजली की मांग बढ़ जाने के बाद अगर ऐसे ही हालात रहे तो बिजली के लिए हाहाकार जैसी हालत हो जाएगी।
22.60 मेगावाट क्षमता की यूएसएचपी एक परियोजना में भूस्खलन के चलते नहर में पानी न आने के चलते दो अप्रैल 2015 से बिजली उत्पादन ठप पड़ा हुआ है। 105 मेगावाट क्षमता की यूएसएचपी दो परियोजना में 12 अप्रैल, 2015 से योजनाबद्ध शटडाउन किया गया है।
23.30 मेगावाट क्षमता की चिनैनी एक, दो मेगावाट क्षमता की चिनैनी दो और 7.50 मेगावाट क्षमता की चिनैनी तीन परियोजना नहर में पानी न आने और मशीनरी ब्रेक डाउन के चलते बंद पड़ी हैं। नौ मेगावाट क्षमता की सेवा तीन परियोजना नहर में पानी बंद होने से 23 अगस्त, 2013 से ही बंद पड़ी है।
0.30 मेगावाट क्षमता की बाजगो परियोजना में सिंचाई के लिए नहरी पानी को मोड़ने के चलते उत्पादन 25 मार्च, 2015 से ठप पड़ा हुआ है। एलजीओ मर्सिलांग, हफ्ताल परियोजना में बिजली उत्पादन पानी जमने के चलते ठप पड़ा हुआ है।