जम्मू-कश्मीर में भाजपा से निष्कासित होने के बाद पूर्व विधायक डॉ. गगन भगत खुलकर पार्टी पर आरोपों की बौछार करने लगे हैं। उन्होंने दस दिन में भाजपा के प्रदेश महासचिव संगठन अशोक कौल के काले कृत्यों को सार्वजनिक करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बारी-बारी से वह प्रदेश भाजपा में ऊंचे पदों पर बैठे नेताओं का एक-एक कर पर्दाफाश करेंगे।
जम्मू में पीडब्लूडी गेस्ट हाउस गांधीनगर में बुधवार को पत्रकार वार्ता में गगन भगत ने कहा कि प्रदेश भाजपा का नेतृत्व दलित विरोधी है और वह दलित हैं। इसलिए उन्होंने पार्टी से निकाला गया है। परिवार में अंतर्कलह को केवल बहाना बनाया गया। परिवार में कलह उनका निजी मामला था। असल में भाजपा को उन लोगों की जरूरत नहीं है जो कि पार्टी में गुलाम बनकर नहीं रहना चाहते। इसी कारण भाजपा में पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह को भी दरकिनार किया हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा खुद को जम्मू की पार्टी कहती है, लेकिन जम्मू में न तो वह विकास करवा पाई और न ही जन आकांक्षाओं को पूरा कर पाई। साढ़े तीन साल तक भाजपा पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार में रही, लेकिन केवल प्रदेश नेतृत्व व मंत्रियों ने अपना ही भला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में सेटिंग चलती है और मंत्री भी चंदे के नाम पर मोटी रकम लेकर बनाए जाते हैं।
गगन भगत ने कहा कि अनुच्छेद 35ए को लेकर वह भाजपा की विचारधारा के साथ नहीं थे। अनुच्छेद 35ए राज्य के हित में है। इस अवसर पर उन्होंने पीडीपी की प्रशंसा की और कहा कि वह जम्मू, कश्मीर व लद्दाख के लोगों का भला चाहने वाली पार्टी में शामिल होंगे।
मोदी जैसा कोई पीएम उम्मीदवार नहीं
गगन भगत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। कहा कि वे अच्छा कार्य कर रहे हैं। देश में उनसे बेहतर प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कोई नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि विधानसभा भंग करने के राज्यपाल के फैसले के विरोध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और उस समय प्रदेश भाजपा ने उन पर काफी दबाव बनाया, लेकिन वह नहीं झुके।