जम्मू की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को 2022 जेकेएसएसबी सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के कथित सरगना यतिन यादव को सात दिन की रिमांड पर भेज दिया है। अब आरोपी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पूछताछ करेगी।
आरोपी यतिन यादव हरियाणा के रेवाड़ी का रहने वाला है। उसकी उम्र 43 साल है। सोमवार शाम धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत उसे गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया।
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने जम्मू कश्मीर पुलिस में 1,200 पदों पर सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 27 मार्च 2022 को आयोजित की थी। इस भर्ती परीक्षा में धांधली की बात सामने आने पर जुलाई में इसे रद्द कर दिया गया। इसके साथ 1,300 जूनियर इंजीनियरों और 1,000 वित्त खाता सहायकों की भर्ती परीक्षा को भी रद्द किया गया था।
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने इस भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। 12 नवंबर 2022 को यतिन यादव सहित 33 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का मामला सीबीआई की एफआईआर के बाद दर्ज हुआ है।
ईडी ने जम्मू की सीबीआई मामले की विशेष न्यायाधीश बाला ज्योति की अदालत में अपने विशेष लोक अभियोजक अश्विनी खजूरिया के माध्यम से एक आवेदन दायर किया और आरोपी की सात दिन की रिमांड हासिल की।
विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा, 'केस डायरी और रिकॉर्ड पर मौजूद संपूर्ण सामग्री के अवलोकन से यह पता चलता है कि चूंकि आरोपी को 24 जून को गिरफ्तार किया गया था और मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है, इसलिए उसे 25 जून से सात दिनों की अवधि के लिए ईडी की हिरासत में भेजा जाता है।'
उन्होंने ईडी को रिमांड अवधि के भीतर आरोपी के खिलाफ जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया। यादव की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) के आयोजन में अनियमितताओं के आरोपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिसके कारण केंद्र ने इनकी जांच सीबीआई को सौंप दी है।
ईडी सूत्रों ने दावा किया कि कथित पेपर लीक गिरोह का "सरगना" होने के नाते, यादव ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में स्थित अन्य आरोपी दलालों के साथ मिलकर एक सुनियोजित योजना को अंजाम दिया, जिसके तहत 15 लाख रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक के भुगतान के बदले लीक पेपर तक पहुंचने के इच्छुक उम्मीदवारों की व्यवस्था की गई।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद, उम्मीदवारों से एकत्र किए गए भुगतान मुख्य रूप से नकद - यादव के बैंक खातों में भेजे गए। ईडी ने पहले अपनी जांच के तहत यादव के बैंक खातों, न्यू ग्लोबल फ्यूमिगेशन कॉरपोरेशन नामक एक कंपनी और कुछ अन्य लोगों की एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।