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Jammu Election: 2014 में दस सीटों पर एक हजार से भी कम रहा जीत का अंतर, इस बार भी छोटी जीत डालेंगी बड़ा असर

Sat, 05 Oct 2024 02:47 PM IST
शाहरुख खान राहुल दुबे, अमर उजाला, जम्मू

सार

साल 2014 में दस सीटों पर जीत का अंतर एक हजार से भी कम रहा था। इस बार भी छोटी जीत बड़ा असर डालेंगी। छोटे दल और निर्दलीय खेल बिगाड़ सकते हैं। 2002 के चुनाव में छोटी पार्टियों और निर्दलीयों ने 30 फीसदी वोट हासिल किए थे।
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Jammu Kashmir Election - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छोटी जीत, बड़ा असर, जी हां, 2014 के चुनाव में 10 सीटें ऐसी थीं जिन पर जीत-हार का अंतर एक हजार वोट से भी कम रहा था। सबसे छोटी जीत गुरेज सीट पर हुई थी। यहां जीत-हार का अंतर सिर्फ 141 वोट का था। 
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उससे पहले 2002 की बात करें तो छोटी पार्टियां और निर्दलीयों के हिस्से में कुल 30 फीसदी वोट गया था और वह 22 सीटें निकालने में सफल रहे थे। इस बार की बात करें तो स्थितियां और बदली हुई हैं। कई सीटों पर प्रभावशाली लोग निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं और जमात समर्थित उम्मीदवार भी चुनाव में हैं। 

ऐसे में इन सीटों पर समीकरण बदले तो बड़ी पार्टियों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार बनवाने में भी निर्दलीय और छोटे दल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पिछले चुनाव में खुद उमर अब्दुल्ला 910 वोट से जीत सके थे।
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राज्य में सरकार बनाने में दस सीटें बहुत असर डालेंगी। यह नंबर किसी भी दल को सत्ता से बाहर करने या उसके मुहाने तक ले जाने में अहम रोल निभाएगा। इस चुनाव में खासकर कश्मीर संभाग में राजनीतिक दलों की चिंता इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि इंजीनियर रशीद की अवामी इत्तेहाद पार्टी भी चुनाव मैदान में आ गई थी। 

इसके अलावा अपनी पार्टी भी कुछ सीटों पर दमदारी से टक्कर दे रही थी। वहीं कुछ निर्दलीयों ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया। 2002 से राज्य में गठबंधन की सरकारों का दौर आया। इसी चुनाव में निर्दलीयों और छोटी पार्टियों की भूमिका भी बढ़ गई थी। इस चुनाव में जम्मू संभाग में सात निर्दलीयों ने जीत दर्ज की थी। 
 

बसपा के खाते में एक और पैंथर्स पार्टी के हिस्से में चार सीटें आईं। कश्मीर संभाग में आठ निर्दलीय जीते थे और सीपीएम के हिस्से में दो सीटें आई थीं। वहीं 2008 के चुनाव में जम्मू संभाग में निर्दलीयों की भागीदारी घटकर दो पर आ गई और पैंथर्स पार्टी तीन सीटें जीती।

 

कश्मीर संभाग में निर्दलीय तीन, सीपीएम एक और पीपुल्स डेमोक्रेकिट फ्रंट (पीडीएफ) के खाते में एक सीट आई। 2014 के चुनाव में जम्मू और कश्मीर में निर्दलीय और छोटे दलों की भागीदारी सिमटकर सात पर आ गई। सीटें घटने के साथ वोट प्रतिशत 30 से घटकर 15 फीसदी पर पहुंच गया था।

 

इस बार स्थितियां इसलिए भी बदल गई क्योंकि अवामी इत्तेहाद पार्टी के अलावा अपनी पार्टी और जमात समर्थित नेता भी चुनावी मैदान में आ गए। माना जा रहा है कि घाटी में एक बार फिर निर्दलीय और छोटी पार्टियों का वर्चस्व बढ़ेगा जो बड़े राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ाएगा।

छोटी पार्टियों की भूमिका
जम्मू-कश्मीर की चार प्रमुख पार्टियों में से सिर्फ नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) भी मैदान में हैं। सज्जाद लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस 22 सीटों पर और इंजीनियर रशीद की अवामी इत्तेहाद पार्टी 34 से 35 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

 

गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और अपनी पार्टी 30 से अधिक सीटों पर मैदान में है। प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार 10 सीटों पर निर्दलीय लड़ रहे हैं। इसमें इंजीनियर रशीद की पार्टी ने जमात-ए-इस्लामी के साथ रणनीतिक गठबंधन किया है। रशीद की पार्टी ने दक्षिण कश्मीर में जमात के उम्मीदवारों का समर्थन किया था और जमात ने रशीद की पार्टी का पूरे राज्य में समर्थन किया। इससे पहले जमात पीडीपी का समर्थन करती रही है।

2014 के चुनाव में एक हजार वोटों से हार-जीत के अंतर वाली सीटें
सीट - कुपवाड़ा
विजेता - बशीर अहमद डार, पीपुल्स कान्फ्रेंस
उपविजेता - मीर मोहम्मद फैयाज, पीडीपी
अंतर - 151

सीट - गुरेज
विजेता - नजीर अहमद खान
उपविजेता - फकीर मोहम्मद खान
अंतर - 141

सीट - सोनावारी
विजेता - अकबर लोन, नेकां
उपविजेता - यासिर रेशी, पीडीपी
अंतर - 406

सीट - गांदरबल
विजेता - इशफाक अहमद, नेकां
उपविजेता - मोहम्मद अफजल, पीडीपी
अंतर - 597

सीट - ईदगाह
विजेता - मुबारक गुल, नेकां
उपविजेता - अली मोहम्मद वानी, पीडीपी
अंतर - 608

सीट - वीरवाह
विजेता - उमर अब्दुल्ला, नेकां
उपविजेता - नजीर अहमद खान
अंतर - 910

सीट - कुलगाम
विजेता - युसूफ तारिगामी, सीपीआई एम
उपविजेता - नजीर अहमद, पीडीपी
अंतर - 334

सीट - डुरु
विजेता - फारुक अंद्राबी, पीडीपी
उपविजेता - गुलाम अहमद मीर, कांग्रेस
अंतर - 161

सीट - पहलगाम
विजेता - अल्ताफ अहमद, नेकां
उपविजेता - रफी अहमद मीर, पीडीपी
अंतर - 904

सीट - जांस्कार
विजेता - सैदय मोहम्मद वाकिर, निर्दलीश्
उपविजेता - गुलाम रजा, कांग्रेस
अंतर - 566
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