दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव में पुंछ-राजोरी की आठ सीटों पर नेशनल कांफ्रेंस लोकसभा चुनाव में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा और अन्य दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान की तैयारी जोर पकड़ चुकी है। पुंछ-राजोरी की आठ विधानसभा सीटों पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। यहां खासतौर पर पहाड़ी और गुज्जर मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
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नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने पिछले लोकसभा चुनाव में पुंछ-राजोरी क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया था, जहां पार्टी ने सभी आठ विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब, नेकां विधानसभा चुनाव में उस प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास कर रही है। पार्टी अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला सहित अन्य प्रमुख नेता पहले चरण के मतदान के बाद इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से डेरा डालेंगे।
पुंछ-राजोरी की चार सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जो पहाड़ी और गुज्जर समुदाय के मतदाताओं के प्रभाव को दर्शाती हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में अनंतनाग-राजोरी सीट पर नेकां ने रिकॉर्ड 50.86 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, जबकि भाजपा ने उस चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। नेकां के उम्मीदवार मियां अल्ताफ ने 18 विधानसभा हलकों में से 16 पर शानदार जीत दर्ज की, जिसमें पुंछ-राजोरी की सभी आठ सीटें शामिल थीं।
राजोरी में, नेकां उम्मीदवार ने थन्नामंडी से 53,751, बुद्धल से 44,920, नौशेरा से 27,388 और राजोरी से 35,339 वोट हासिल किए। वहीं, पुंछ की तीन सीटों पर भी पार्टी ने दमदार प्रदर्शन किया, जैसे मेंढर से 41,796, पुंछ हवेली से 47,424 और सुरनकोट से 49,425 वोट मिले।
नेकां-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी गई है। बुद्धल से जावेद इकबाल (एसटी), थन्नामंडी से शब्बीर खान (एसटी), नौशेरा से सुरेंद्र चौधरी, कोलाकोट-सुंदरबनी से यशवर्धन सिंह, और राजोरी से इफ्तकार अहमद मैदान में हैं। पुंछ की सीटों पर मोहम्मद शहनवाज (एसटी), एजाज अहमद जान (एसटी), और जावेद अहमद राणा चुनावी दंगल में हैं।
नेकां अपनी ताकत झोंकने के लिए तैयार है और इस बार विधानसभा चुनाव में भी पिछले प्रदर्शन को भुनाने की उम्मीद कर रही है। राजनीतिक समीक्षक मानते हैं कि यदि नेकां ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया और मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश फैलाया, तो यह चुनावी जीत की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
दूसरे चरण के मतदान में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि पुंछ-राजोरी की राजनीतिक तस्वीर कैसे बदलती है।