आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके अंगरक्षक व इससे पहले परिहार बंधुओं की हत्या के विरोध में शनिवार को सनातन धर्म सभा की ओर से बुलाई गई बंद के दौरान शनिवार को बवाल हो गया। गुस्साए लोगों ने डीसी दफ्तर में तोड़फोड़ की। कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। राज्यपाल का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शित किया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की खबर है।
सनातन धर्म सभा की तरफ से आरएसएस नेता और परिहार बंधुओं की हत्या के विरोध में शनिवार को बंद का आह्वान किया था। इसके साथ ही डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाना भी प्रस्तावित था। शनिवार की सुबह काफी संख्या में लोग चौगान मैदान में इकट्ठे हुए और जुलूस के रूप में विभिन्न रास्तों से होते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारी अपने साथ राज्यपाल का पुतला लिए हुए थे।
उन्होंने राज्यपाल का पुतला जलाया और हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग करने लगे। डीसी कार्यालय पर पहले से ही सुरक्षाकर्मियों को तैनात रखा गया था। सुरक्षाकर्मियों ने गेट बंद कर तारबंदी कर रखी थी। इस बीच प्रदर्शनकारियों को डीसी आफिस से कोई प्रदर्शन की वीडियो बनाता दिख गया। इस पर वह उग्र हो गए और जबरन कार्यालय में घुस गए। इस बीच धक्कामुक्की में एक पुलिसकर्मी गिर गया। उग्र भीड़ ने कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी। भीड़ ने खिड़कियों और कार के शीशे तोड़ डाले। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें किसी तरह से बाहर निकाला।
ज्ञात हो कि नौ अप्रैल को जिला अस्पताल में चंद्रकांत शर्मा व उनके पीएसओ की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले पिछले साल एक नवंबर को भाजपा सचिव अनिल परिहार व उनके भाई अजीत परिहार को भी आतंकियों ने मार डाला था। चंद्रकांत शर्मा की हत्या के बाद शहर में उत्पन्न तनाव के मद्देनजर कर्फ्यू लगाया गया था। रात का कर्फ्यू अब भी जारी है।
बवाल का कड़ा संज्ञान लिया, प्राथमिकी दर्ज: डीसी
किश्तवाड़ उपायुक्त अंग्रेज सिंह राणा ने बताया कि, पुलिस को अत्यधिक संयम बरतने की हिदायत दी गई थी। बवाल पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस चंद्रकांत शर्मा के हत्यारों को पकड़ने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। लोगों से अपील है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।